महिलाओं की फर्टिलिटी को कम कर सकती है ये बातें

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महिलाओं में फर्टिलिटी होने का मतलब है कि वो गर्भधारण कर सकती है। वो महिलाएं जो गर्भधारण करने में असमर्थ होती है उन्हें इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है या हो सकता है कि उनमें फर्टिलिटी का स्तर कम हो। इनफर्टिलिटी(बांझपन) एक अवस्था है जिसके दौरान कोई महिला गर्भधारण करने में अक्षम होती है। वो दंपत्ति जिन्हें लंबे समय से संतान का सुख नहीं मिला होता है, उनमें अक्सर इनफर्टिलिटी की समस्या को देखा जाता है। महिलाओं में कुछ खास बाते इनफर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं। आइए ऐसी बातों के बारे में जानते हैं जिनकी वजह महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या उत्पन्न होती है। [ये भी पढ़ें: पुरुषों में मोटापा बन सकता है कई सेक्स समस्याओं का कारण

1. कम बॉडी मास इंडेक्स: शरीर के हार्मोन्स को उचित तरीके से काम करने के लिये जरुरी है कि आपका बॉडी मास इंडेक्स स्वस्थ होना चाहिये। किसी व्यक्ति की उम्र, लिंग, लंबाई के आधार पर औसत वजन को बॉडी मास इंडेक्स कहा जाता है। अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स कम है तो आपके शरीर को रिप्रोडक्शन के लिये औसतन हार्मोन की जरुरत पूरी नहीं हो पाएगी। एक शोध में पता लगाया गया है की जिन महिलाओं में बॉडी मास इंडेक्स कम होता है उन्हें गर्भधारण करने में अधिक समय लगता है। जबकि जिन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स हाई होता है उन्हें गर्भधारण करने में कम समय लगता है।

2. अधूरी नींद: अगर आप नींद कम ले रही है तो इसका प्रभाव आपके लेप्टिन के स्तर पर पड़ता है। लेप्टिन एक मास्टर हार्मोन है जो कि आपकी रजनोवृत्ति को नियंत्रित करता है। शरीर में लेप्टिन के स्तर के कम होने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। शोध बताते हैं कि लेप्टिन हार्मोन की कमी महिलाओं में खराब एग क्वालिटी से जुड़ी है। इसलिये फर्टिलिटी को बनाए रखने और सुधारने के लिए जरुरी है कि आप पूरी और अच्छी नींद लें। [ये भी पढ़ें: रोजाना की ये आदतें पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या को कर देती है कम]

3. नियमित रुप से एल्कोहल का सेवन:
things that can reduce women fertilityहर रोज एल्कोहल का सेवन करने से भी आपकी फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस विषय पर छपे एक शोध पत्र में कहा गया है कि नियमित तौर पर एल्कोहल का सेवन करने से आपके गर्भधारण की क्षमता 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इसका मतलब ये नहीं है कि आप कुछ समय के अंतराल में एक गिलास वाइन नहीं ले सकते हैं। संतुलन के साथ शराब का सेवन सेहत के लिए भी उचित होता है, लेकिन इसकी अति कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है।

4. हाई-इंटेन्सिटी वर्कआउट: ये सही है कि नियमित तौर पर व्यायाम करने से फर्टिलिटी रेट को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अगर आप हर रोज हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करने से आपको इनफर्टिलिटी की समस्या होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा माना जाता है कि एक्सरसाइज करने से फर्टिलिटी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, लेकिन ऐसा तभी होता है जब आप इसे एक निश्चित स्तर तक करते हैं। इस स्तर से अधिक व्यायाम करने के लिये अधिक उर्जा की जरुरत होती है जिससे इसका व्यायाम का सकारात्मक प्रभाव विपरीत हो जाता है और इनफर्टिलिटी की समस्या को बढ़ाने में योगदान करता है।

5. रजनोवृत्ति कम होना: अगर आपकी मासिक चक्र 28 दिनों का है तो ये उचित है, क्योंकि 28 दिनों के चक्र में एग को परिपक्व होने और आरोपण के लिये पर्याप्त समय मिल जाता है, लेकिन मासिक चक्र इससे कम होने के कारण फर्टिलिटी कम होती है और महिला को गर्भधारण में परेशानी आ सकती है। [ये भी पढ़ें: यौन संबंध के दौरान महिलाओं को क्यों होता है दर्द

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