रोजाना की ये आदतें पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या को कर देती है कम

these habits can cause low sperm count in males

किसी भी पुरुष की फर्टिलिटी सामान्य तौर पर उसके स्पर्म काउंट पर निर्भर करती है। अगर किसी व्यक्ति में शुक्राणुओं की संख्या कम है या उसके शुक्राणुों की गुणवत्ता खराब है तो उस व्यक्ति का दांप्त्य जीवन इससे प्रभावित हो सकता है। पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या का मुख्य कारण शुक्राणुओं की संख्या में कमी होना हो सकता है। किसी भी पुरुष में शुक्राणुओं का उत्पादन ना होने की कई वजहें हो सकती है जैसे ड्रग्स का सेवन करना, मस्ल्स बढ़ाने के लिये सप्लीमेंट्स का सेवन करना, एल्कोहल या सही खानपान ना होना। ऐसी ही कुछ रोजाना की आदते हैं जो पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या को कम कर सकती हैं। [ये भी पढ़ें: पुरुषों में मोटापा बन सकता है कई सेक्स समस्याओं का कारण]]

अधिक मात्रा में पनीर का सेवन: साल 2014 में आए एक शोध में पता चला है कि अधिक पनीर के सेवन से पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है। खासकर वो लोग जो धूम्रपान करते हैं या पहले करते थे। हालांकि कम वसा वाला आहार जैसे दूध का सेवन करने से स्पर्म काउंट में बढ़ोतरी होती है।

बहुत अधिक मीठे पेय पदार्थ:
these habits can cause low sperm count in malesमीठे पेय पदार्थ का सेवन भी आपके शुक्राणुओं की संख्या के लिये हानिकारक हो सकती हैं। मीठे पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन करने से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम होने लगती है, खासतौर पर उन पुरुषों में जो पतले हैं। साथ ही इन पदार्थों का जरुरत से ज्यादा सेवन फॉलिकल स्टीमुलेटिंग हार्मोन(एफएसएच) की मात्रा को भी घटाता है। यह हार्मोन स्पर्म के उत्पादन के लिये जिम्मेदार होते हैं। [ये भी पढ़ें: पुरुषों में मोटापा बन सकता है कई सेक्स समस्याओं का कारण]

गर्म पानी से नहाना: गर्म पानी से नहाने से भी शुक्राणओं की संख्या और उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि इसके कारण टेस्टिकल्स(अंडकोष) का तापमान बढ़ जाता है जिससे स्पर्म काउंट पर बुरा असर पड़ता है। निजी अंगो को साफ करने के लिये ठंडे पानी का इस्तेमाल करें जिससे इस समस्या से बचाव होगा और निजी अंगो को स्वस्थ रख पाएंगे।

अधिक टीवी देखना:
these habits can cause low sperm count in malesअगर टीवी देखना आपका पसंदीदा टाइम-पास है तो आपको इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। एक शोध जर्नल में छपे शोध पत्र में कहा गया है कि जो पुरुष 20 घंटे से ज्यादा समय तक टीवी देखते हैं उनमें शुक्राणु की संख्या(sperm concentration) बाकी लोगों की तुलना में 44 प्रतिशत कम होता है। 

सोया का अधिक सेवन: साल 2008 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सोया का अधिक मात्रा में सेवन करने से शुक्राणुओं के उत्पादन और गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खासतौर पर वो लोग जो मोटापे का शिकार है, अगर सोया का अधिक सेवन करते हैं तो यह आदत उनमें शुक्राणुओं की संख्या पर बुरा असर डाल सकती है। हालांकि सोया की मात्रा से भरपूर आहार खाने से पुरुषों के शुक्राणुओं, ऐजाकुलेशन और मोर्फोलॉजी पर कोई असर नहीं होता है। [ये भी पढ़ें: शीघ्रपतन की समस्या के कारण और इलाज]

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