इतना झगड़ा करने के बाद भी भाई-बहन बेस्ट फ्रेंड क्यों होते हैं

why brother and sister are best friends after all fights

भाई-बहन के बीच का जो रिश्ता और बंधन होता है उसकी तुलना किसी भी रिश्ते से नहीं की जा सकती है। यह सबसे खूबसूरत और पवित्र रिश्ता होता है। आप एक-दूसरे से कितना ही झगड़ा क्यों ना करें और कितनी भी नाराज़गी जता लें लेकिन इस रिश्ते की डोर हमेशा उतनी ही मजबूत रहती है। भाई और बहन के बीच का विश्वास और भरोसा इतना अटूट होता है कि इनके बीच कोई भी शक की गुंजाइश नहीं होती। खून के रिश्ते के अलावा हम अपने भाई या बहन के साथ एक और रिश्ता साझा करते हैं जिसे दोस्ती कहते हैं। तो आइए जानते हैं कि दिनभर झगड़ा करने के बाद भी बहनें भाई की बेस्ट फ्रेंड क्यों होती हैं। [ये भी पढ़ें: अकेले रहना पसंद करने वाले लोग करते हैं ये काम]

भाई बहन की जिंदगी में सबसे पहला दोस्ता होता है: यह बिल्कुल सच है और अगर आपकी भी भाई या बहन है तो आप इस बात को अच्छे से समझ सकते हैं। कोई भी बहन अपने भाई के साथ एक दोस्त की तरह सभी परेशानियां और बातों शेयर कर सकती है। भाई को होने से किसी भी बहन को एक दोस्त की कमी महसूस नहीं होती।

हर भाई एक फौजी की तरह अपनी बहन की रक्षा करता है: भाई अपनी बहन को किसी भी परेशानी में नहीं देख सकते। अगर वो देखते हैं कि कोई उनकी बहन को परेशान कर रहा है तो वो गुस्से से लाल हो जाते हैं। किसी भी बहन की सुरक्षा के लिए उनके भाई से बढ़कर ना तो कोई सेना हो सकती है ना कोई हथियार। [ये भी पढ़ें: हर हफ्ते करें ये काम और अपने संबंधों में डालें नई जान]

भाई जानते हैं कि अपनी बहन के चेहरे पर कैसे मुस्कान लानी है: हम सभी की जिंदगी में परेशानी और चिंताएं होती है लेकिन फिर भी भाई जानते हैं कि अपनी बहन के चेहरे पर मुस्कान कैसे लानी है। वो आपकी आंखों में आंसू बर्दाश्त नहीं कर पाते और आपको एक बार मुस्कुराता हुआ देखने के लिए कुछ भी करते हैं।

बहनें भाई की सबसे अच्छी दोस्त और सलाहकार होती हैं: भाई चाहे बड़ा हो या छोटा, वह अपनी बहन से जिंदगी के छोटे-छोटे फैसलों में भी सलाह जरुर लेता है। वो जानते हैं कि उनकी बहन उनकी स्थिति को बेहतर समझती है और वह उन्हें कभी गलत सलाह नहीं देगी।

भाई-बहन एक दूसरे के राज़ छुपाते हैं: भाई और बहन एक दूसरे के हर राज़ को जानते हैं और दोनों ही इन्हें छुपाने में एक-दूसरे की मदद भी करते हैं। खासतौर पर माता-पिता के सामने एक-दूसरे को डांट खाने से बचाते हैं। कभा भी हमें अपने भाई-बहन की वजह से ही बेवजह मम्मी की डांट भी खानी पड़ती है।

भाई-बहन के लिए समर्पित रक्षाबंधन: हालांकि हमें इस रिश्ते का जश्न मनाने के लिए और भाई-बहन के बीच के प्यार को जाहिर करने के लिए किसी ख़ास दिन की जरुरत नहीं होती है लेकिन एक दिन ऐसा है जो कि केवल भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित है। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई को प्यार और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी प्यारी बहनों पर उनकी बहुत देखभाल और प्यार की बौछार करते हैं। [ये भी पढ़ें: रिलेशनशिप को मजबूत बनाने के लिए रखें इन खास बातों का ध्यान]

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