माता-पिता के द्वारा बोले गए झूठ जिनके बारे में बच्चों को पता नहीं चलता है

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What are the Lies Parents Tell A Lot but Never Notice rs

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बच्चों के लिए उनके माता-पिता उनकी दुनिया होते हैं और माता-पिता के लिए उनके बच्चे। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों को सही दिशा में रखने और उन्हें सही चीज समझाने के लिए बहुत सी ऐसी बातें बोलते हैं जो वास्तव में नहीं होता है लेकिन फिर भी अपने बच्चों को बोलते हैं। हालांकि माता-पिता अपने बच्चों को ही सिखाते हैं कि झूठ ना बोलें लेकिन वो खुद ही झूठ बोलते हैं। हालांकि जो झूठ माता-पिता बोलते हैं वो उनके अच्छे भविष्य के लिए बोलते हैं क्योंकि वो अपने बच्चे की चिंता करते हैं और उनसे प्यार भी करते हैं। लेकिन साथ ही अगर आपके बच्चे को इस बात की जानकारी हो जाएगी तो इससे उनपर इसका गलत प्रभाव भी पड़ता है। तो आपको अपने बच्चे के सामने कोई भी झूठ बोलने से पहले ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं माता-पिता के द्वारा बोले गए झूठ जिनके बारे में पता नहीं चलता है। [ये भी पढ़ें: रिलेशनशिप में माफी मांगना कितना महत्वपूर्ण होता है]

आपको भगवान देख रहा है:
“भगवान आपको देख रहें हैं” अक्सर ये बात माता-पिता अपने बच्चों को बोलते हैं। ऐसा वो इसलिए बोलते हैं कि वो अपने बच्चे को किसी गलत काम करने से बचाना चाहते हैं। तो ऐसे में वो ये बात बोलते हैं ताकि वो अपने बच्चे के मन में डर जगा दें कि अगर वो कुछ शैतानी करेंगे तो भगवान उन्हें सजा देंगे।

सोने का समय हो गया है:
माता-पिता अपने बच्चों के लिए सोने का एक निर्धारित समय तय कर लेतें हैं और शुरू से ही उन्हें ये बताते हैं कि आपके सोने का समय हो गया है ताकि वो रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं। इससे वो स्वस्थ भी रहेंगे और उनकी दिनचर्या भी सही रहेगी। [ये भी पढ़ें: आर्थिक समस्या के वजह से बर्बाद हो रही शादी को कैसे बचाएं]

तुम्हें छोड़कर बाहर चले जाएंगें:
बच्चे शैतानी ना करें इसलिए कई बार माता-पिता ये बोलते हैं कि वो उन्हें छोड़कर बाहर घुमने चले जाएंगें और इस डर से बच्चे शैतानी नहीं करते हैं। हालांकि ये सत्य है कि वो ऐसा कभी कुछ नहीं करेंगे।

पार्क बंद हो गया है:
जब माता-पिता अपने बच्चों को बाहर लेकर नहीं जाना चाहते हैं तो उनके लिए सबसे आसान होता है ये बोलना कि पार्क बंद हो गया है और बच्चे भी इस बात को आसानी से मा लेते हैं और पार्क जाने कि जिद छोड़ देते हैं।

दवाई लगाने से दर्द नहीं होगा:
जब बच्चों को चोट लगती है तो वो दवा लगवाने से भागते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि इससे उन्हें दर्द होगी। ऐसे में माता-पिता उन्हें इस बात का भरोसा देते हैं कि दवा लगाने से बिल्कुल भी दर्द नहीं होगा और उनकी इस बात को मानकर बच्चे दवाई लगवा लेते हैं। [ये भी पढ़ें: अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक रुप से कैसे जुड़े]

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