गर्भनिरोधन में सबसे बेहतर है कॉपर टी

know why copper T is best for birth control

आई.यू.डी. जिसका अर्थ होता है अंतर्गर्भाशयी यंत्र, जिसका उदहारण है- कॉपर टी, अंग्रेजी भाषा के T (टी) के आकार का होने की वजह से इसका यह नाम लिया जाता है। इसका प्रयोग उन महिलाओं को करना चाहिए, जिनकी एक संतान हो और जो अपनी संतानों के बीच में कुछ वर्षों का अंतराल रखना चाहती हैं। नव विवाहित महिलाओं या फिर जिनकी एक भी सन्तान न हो उनको यह नहीं लगवाना चाहिए इससे श्रोणि में सूजन होने की सम्भावना रहती है, साथ ही उन महिलाओं को भी इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए जिनकी श्रोणि में किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हो इससे उनकी समस्या बढ़ सकती है। आइए विस्तार से जाने कॉपर टी उसके उपयोगों और उसके साइड इफैक्ट के बारें में।

कॉपर टी काम कैसे करता है?
know why copper T is best for birth controlइसको डॉक्टर की सहायता से महिलाओं की श्रोणि में स्थापित किया जाता है जिससे कि गर्भाशय में गर्भ नहीं ठहरता है। कॉपर टी को लेकर एक मिथक यह है कि इसको लगाने में बहुत दर्द महसूस होता है जो काफी समय तक रहता है। मगर ऐसा बिल्कुल नहीं है इसको लगवाने में हल्का सा दर्द होता है जिसके बाद बाद महिलाएं आराम से अपने रोजमर्रा के काम कर सकती हैं। इसके आकार और बनावट के अनुसार यह काम भी करता है, यह प्रजजन के समय शुक्राणु को गर्भाशय तक जाने से रोकता है और साथ ही साथ गर्भाशय के अण्डों से मिलने नहीं देता है, जिसकी वजह से गर्भधारण नहीं हो पाता है। यह गर्भनिरोध का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है जिससे कि 95 प्रतिशत तक गर्भधारण से रोका जा सकता है।
कॉपर टी गर्भनिरोध के साथ दो बच्चों के बीच में सही अंतराल लाने का भी काम करता है। इसको लगवाने के कुछ समय बाद डॉक्टर से जांच करवाना जरुरी होता है। अगर किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन या तकलीफ नहीं है तो यह तीन से पांच साल तक काम में लाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें : सर्वाइकल कैप के इस्तेमाल से पहले जाने कुछ ज़रूरी बातें] 

कॉपर टी के फायदे क्या हैं?
अन्य सभी प्रकार के गर्भनिरोधको के मुकाबले यह 99.2% गर्भधारण होने से रोकता है। कॉपर टी में किसी भी प्रकार का हार्मोन या फिर किसी भी प्रकार की दवाई नहीं मिली होती है। इसको लगवाने के बाद आपको यौन प्रक्रिया के समय गर्भधारण की के बारें नहीं सोचना पड़ता है, बस एक बार लग जाने के बाद कई सालों तक गर्भधारण की चिंता दूर हो जाती है। जब भी आप गर्भधारण करने के बारें में सोचते हैं तो इसको आसानी से हटाया जा सकता है। अन्य गर्भनिरोधो के मुकाबले इसका प्रयोग बंद करने के बाद इससे किसी भी प्रकार की तकलीफ बॉडी पर नहीं होता है। कौन सा गर्भनिरोध कितने प्रतिशत गर्भधारण की क्षमता को रोकता है इसे आप नीचे दी गयी तालिका में देख सकतें हैं। [ये भी पढ़ें : गर्भरोधक के रुप में क्यों सबसे बेहतर है कंडोम] 

 

एवरा पैच

92%

पिल एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रन के साथ

92%

पिल केवल प्रोजेस्ट्रन के साथ

99.70%

नुवारिंग

92%

कॉपर टी

99.20%

लेवोनोर्जेएस्ट्रेल (मिरेन)

99.90%

डियाफ्रग्म स्प्रेमीसाइड के साथ

84%

स्प्रेमीसाइड मेल कंडोम कोई निश्चित डाटा नहीं है
केवल फिमेल कंडोम

79%

केवल मेल कंडोम

85%

स्प्रेमीसाइड

71%

ट्यूबल लीगीएशन

99.50%

वासेक्टोमी

99.85%

सर्वाइकलकैप जिसकी सन्तान हो

68%

सर्वाइकल कैप जिसकी सन्तान न हो

74%

डेपोप्रोवेरा

97%

स्पोंजजिसकी सन्तान हो

68%

कॉपर टी के नुकसान क्या हैं?
know why copper T is best for birth controlकॉपर टी जननांगो में होने वाली बीमारियों और इन्फेक्शन से किसी भी प्रकार से बचाव नहीं करता है। मगर अन्य गर्भनिरोध के तरीकों में यौन सम्बंधित बिमारियों से बचाव करता है। साथ ही साथ इसको लगवाने और निकलवाने के लिए डॉक्टर के पास जाना होता है। उन महिलाओं को कॉपर टी से बहुत ज्यादा तकलीफ होती है जो जिनको महवारी के समय में काफी ज्यादा मात्रा में खून निकलता है।

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