जन्म नियंत्रण में कैसे करें इंट्रायूटेरीन डिवाइस का इस्तेमाल

know how to use intrauterine device for birth control

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आईयूडी(इंट्रायूटेरीन डिवाइस) एक छोटा प्लास्टिक डिवाइस है जो गर्भनिरोधक का काम करता है। यह अंग्रेजी के टी-शेप का होता है, यह तांबे के धागे से लिपटा हुआ होता है और इसमें प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन नाम के हार्मोन भी होते हैं। आईयूडी डॉक्टर द्वारा आपके गर्भाशय में डाला जाता है। प्लास्टिक स्ट्रिंग आईयूडी के अंत में बंधा हुआ होता है जो योनि में गर्भाशय ग्रीवा के माध्यम से नीचे लटका होता है। आप इस स्ट्रिंग के कारण इंट्रायूटेरीन डिवाइस को महसूस कर सकते हैं। इस स्ट्रिंग के जरिए डॉक्टर इंट्रायूटेरीन डिवाइस को बाहर निकलते हैं। यह दो प्रकार का होता है। [ये भी पढ़ें : गर्भनिरोध का बेहतरीन उपाय है महिलाओं में होने वाली नसबंदी] 

इंट्रायूटेरीन डिवाइस (आईयूडी) कितने तरह के होते हैं?

1.हॉर्मोनल इंट्रायूटेरीन डिवाइस: हॉर्मोनल आईयूडी लेवोनोरजेस्ट्रल(levonorgestrel)को रीलीज़ करता है, जो होर्मोन प्रोजेस्टीन का एक हिस्सा होता है। हॉर्मोनल इंट्रायूटेरीन डिवाइस कॉपर इंट्रायूटेरीन डिवाइस से ज़्यादा असरकारी होता है और आपको अनचाही प्रेग्नेंसी से बचाता है। हॉर्मोनल इंट्रायूटेरीन डिवाइस 3 से 5 साल तक आपको प्रेग्नेंसी से बचाता है।

2.कॉपर इंट्रायूटेरीन डिवाइस:

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कॉपर इंट्रायूटेरीन डिवाइस सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला डिवाइस है। कॉपर इंट्रायूटेरीन डिवाइस लगभग 10 साल तक आपको प्रेग्नेंसी से बचाता है और यह बहुत असरदार गर्भनिरोधक होता है। [ये भी पढ़ें: जन्म नियंत्रण पैच के बारे में जानें कुछ खास बातें]

इंट्रायूटेरीन डिवाइस(आईयूडी) कैसे काम करता है?

हॉर्मोनल इंट्रायूटेरीन डिवाइस: इंट्रायूटेरीन डिवाइस शुक्राणु को मारता है और ग्रीवा में बलगम बनाता है जो बहुत मोटी और चिपचिपि होती है जो शुंक्राणु को गर्भाशय में जाने से रोकता है। यह गर्भाशय के स्तर को मोटा होने से बचाता है। इस वजह से ये जगह निषेचित डिम्ब के विकसित होने के लिए सही नहीं होता है। आईयूडी में जो हॉर्मोन्स होते हैं वह पीरियड्स के दौरान शरीर में हो रहे खिंचाव और रक्त के बहाव को कम करता है।

कॉपर इंट्रायूटेरीन डिवाइस: कॉपर शुक्राणु के लिए हानिकारक होता है। यह गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब में तरल पदार्थ बनाता है, जो शुक्राणु के उत्पादन को मारता है। इस तरल पदार्थ में व्हाइट ब्लड सेल्स, कॉपर आयन, एंजाइम्स और प्रोस्टैगलैनडिंस होते हैं।

कितना सटीक है आईयूडी: आईयूडी एक बहुत ही असरदार गर्भनिरोधक है। हॉर्मोनल या कॉपर आईयूडी का इस्तेमाल करते हुए 100 में 1 महिला ही प्रेग्नेंट हुई। तो अगर देखा जाए तो बहुत कम मामलों में यह फेल होता है।

इंट्रायूटेरीन डिवाइस(आईयूडी) के फायदे:

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  • वजन बढ़ने से रोकता है।
  • एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के खतरे को कम करता है।
  • एंडोमेट्रिओसिस से बचाता है।
  • पीरियड्स के दौरान रक्त के बहाव को कम करता है और दर्द से भी राहत पहुंचाता है।

इंट्रायूटेरीन डिवाइस(आईयूडी) के दुष्प्रभाव:

  • पहले कुछ महीनों में ब्लीडिंग की शिकायत होना।
  • कॉपर इंट्रायूटेरीन डिवाइस के कारण पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द होता है।
  • पीरियड्स नहीं होने की भी शिकायत होती है।
  • सिर में दर्द रहना, मुंहासे होना, मिचली और स्तन में ढीलापन आ जाना।

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