गर्भनिरोधक दवाइयां कैसे प्रभावित करती हैं पीरियड्स को

know how birth control pills affect periods

photo credit- www.metro.us

महिलओं में पीरियड्स की प्रक्रिया उनकी किशोरावस्था के साथ ही शुरू हो जाती है। इस समय में महिलाओं को काफी पीड़ा होती है, यह पीड़ा तीन प्रकार की होती है- स्पेज्मोडिक डिस्मेनोरिया, कंजेटिव डिस्मेनोरिया और मेम्बरेनस डिस्मेनोरिया। इसमें से आमतौर पर स्पेज्मोडिक डिस्मेनोरिया जैसी पीड़ा ज्यादातर महिलाओं में पायी जाती है। गर्भनिरोधक दवाइयों का प्रयोग कर पीरियड्स को रोका जा सकता है। इन दवाइयों में पाए जाने वाले हार्मोन्स एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रन होते है, जो कि गर्भाशय में अंडोत्सर्जन को नहीं होने देते है। पीरियड्स में जो भी अंडे ग्रीवा में बनते है वह तरल पदार्थ और खून के साथ निकल जाते है। ऐसे में गर्भनिरोधक गोलियां जो अण्डों को बनने ही नहीं देती है जिससे की पीरियड रुक जातें हैं। तो चलिए जानतें हैं कि कैसे गर्भनिरोधक दवाइयां पीरियड को रोकने में मददगार होती हैं।

सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें:
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जब भी आप अपने पीरियड्स को रोकना चाहती हैं और यह भी चाहती है कि लम्बें समय तक आपके पीरियड्स रुके रहें, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलें। अपनी स्वास्थ से जुड़ी तत्काल और पहले की सभी बातों को साझा करें और अपने स्वास्थ के अनुकूल दवाइयों के बारें पूछें। गर्भनिरोधक गोलियों के दो खास प्रकार होते हैं, एक जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रन दोनों होते हैं और एक जिसमे केवल प्रोजेस्ट्रन होता है। अपने स्वास्थ्य के अनुसार डॉक्टर की सलाह पर दोनों में एक को चुने जिससे आपके पीरियड्स लंबे समय तक रुक जाये। [ये भी पढ़ें: प्रयोग से पहले जान लें इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के बारें में] 

इनएक्टिव पिल्स को न लें:
एक मासिक चक्र में गर्भनिरोधक के 28 पिल्स होते हैं, इसमें से 21 पिल्स एक्टिव पिल्स और 7 इनएक्टिव पिल्स होते हैं। 21 पिल्स जो आपके गर्भधारण होने से रोकते हैं और जो 7 पिल्स होतें है उनमे केवल प्रोजेस्ट्रन होते हैं, जो मासिक चक्र को सुचारू रूप से चलते रहने में मदद करतें हैं। इसलिए पीरियड्स को रोकने के लिए अपने इन 7 तरह के पिल्स का सेवन न करें। इन 21 पिल्स को एक ही दिन में लें और 7 दिनों तक कुछ भीं न लें, 28 दिनों के बाद 29वें दिन फिर से नये पिल्स लेना शुरू कर दें। इसमें एक दिन का भी अंतर न हो वरना पीरियड्स शुरू होने की सम्भावना होती है।

समय के अन्तराल से साइड इफेक्ट हो सकता है:
महिलाओं का शरीर इस तरह से बना है कि वह हर महीने यह चक्र हो सके। कई महिलाओं में पीरियड्स को रोकने के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले दवाइयों की वजह से कुछ साइड इफेक्ट होते हैं, उनमे से ज्यादातर में यह पाया गया है कि वह दिनों में अन्तराल पर इन दवाइयों को लेती है या फिर इन दवाइयों को कोटा पूरा हुए बिना ही दवाइयों को छोड़ देती हैं। इससे कई अन्य तकलीफें शुरू हो जाती है जैसे कि सिर में दर्द होना, चिड़चिड़ापन आ जाना या तनाव बढ़ जाना। [ये भी पढ़ें: आसान तरीके जो अनचाहे गर्भ की संभावनाओं को कर देते हैं कम] 

अपने पीरियड के पहले दिन से ही इन्हें लें:
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पीरियड्स को रोकने के लिए जब भी आप इस तरह की गर्भनिरोधक दवाइयों को लेने के बारें में सोचे तो कोशिश करें कि इसे आप अपने पीरियड के पहले दिन लें और इस बात को ठीक से जान लें कि अगर आप इसका प्रयोग कर रही है तो यह गर्भधारण करने से भी आपको बचायेगा। यदि आपको अपने पीरियड को नहीं रोकना है तो आप गर्भनिरोध के लिए अन्य तरीकों का प्रयोग कर सकती हैं।

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