जन्म नियंत्रण पैच के बारे में जानें कुछ खास बातें

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मौजूदा समय में जन्म नियंत्रण के अनेको साधन मौजूद हैं। कंडोम और गर्भ निरोधक दवाइयों का इस्तेमाल ज्यादा प्रचलित है। इसके अलावा और भी ऐसे तरीके हैं जिनसे बर्थ कंट्रोल किया जाता है। ऐसी ही एक विधि है जन्म नियंत्रण पैच( बर्थ कंट्रोल पैच)। जन्म नियंत्रण पैच 2002 में पहली बार पेश किया गया था। जन्म नियंत्रण पैच हार्मोनल गर्भनिरोधक की एक विधि है। यह आपकी त्वचा से चिपक जाता है और धीरे-धीरे आपके शरीर से होर्मोन रिलीज़ (श्राव) करता है, जिससे आप अनचाहे गर्भावस्था से बच सकते हैं। इसे आप सप्ताह में एक बार बदल सकते हैं। [ये भी पढ़ें: क्या होता है गर्भनिरोधक गोलियों का लो और अल्ट्रा लो डोज]

जन्म नियंत्रण पैच कैसे काम करता है?
जन्म नियंत्रण पैच में हार्मोन के दो मानव निर्मित संस्करण एस्ट्रोजन(estrogen)और प्रोजेस्टेरोन (progesterone)पाएं जाते हैं। गर्भ निरोधक दवाइयों में भी यह हॉर्मोन्स होते हैं। आपका शरीर पैच से हार्मोन को अवशोषित(absorb)करता है जो अंडे को अंडाशय(ovary)में जाने से रोकता है और आपको अनचाहे गर्भावस्था से बचाता है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन ग्रीवा बलगम (cervical mucus)को मोटा कर देता है और सुंक्राणु (sperm)को गर्भाशय में जाने से रोकता है। लगभग एक हफ्ते के बाद जन्म नियंत्रण पैच का प्रभाव शुरू होता है।

जन्म नियंत्रण पैच कैसे इस्तेमाल करें?
जन्म नियंत्रण पैच का उपयोग करना बहुत आसान है-

  1. पन्नी की थैली को ऐसे खोले, ताकि वह फ्लैट रहे।
  2. सबसे पहले पैच रखने की जगह तय करें। इस पैच को लगाते समय ध्यान रहे की जगह सुखी होनी चाहिए जैसे- पेट, ऊपरी बांह, पीठ का ऊपरी हिस्सा और कंधा।
  3. पन्नी के ऊपरी परत को उतार लें।
  4. चिपचिपे हिस्से को हाथ ना लगाए।
  5. फिर इस पैच को अपनी त्वचा से चिपका लें।
  6. जिस दिन इस पैच को आपने लगाया था, ठीक उसके एक हफ्ते बाद इसे हटा दें।
  7. तीन हफ्ते तक आप इस प्रक्रिया को करते रहें। चौथे हफ्ते थोड़ा ब्रेक लें। [ये भी पढ़ें: जानिये गर्भनिरोधन से कैसे जुड़ा है लैक्टेशनल अमेनोरिया मेथड]

जन्म नियंत्रण पैच के साइड इफेक्ट्स:

  • किसी भी अन्य गर्भनिरोधक दवा की तरह, जन्म नियंत्रण पैच के भी साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। कुछ
  • प्रमुख साइड इफेक्ट्स नीचे दिये गए हैं।
  • इसे लगाने के बाद आपकी त्वचा में जलन हो सकती है।
  • हमेशा सिर में दर्द रहता है।
  • स्तन में कोमलता, सूजन और दर्द होना।
  • योनि से अनियमित खून का बहाव होना।
  • वजन का बढ़ना।

जन्म नियंत्रण पैच के फायदे:

  • जन्म नियंत्रण पैच लगाने से पिरियड्स के दौरान दर्द से राहत मिलता है।
  • जन्म नियंत्रण पैच में प्रेग्नेंट होने की संभावना बहुत कम होती है।
  • यह माहवारी रक्तस्राव (menstrual bleeding)को नियंत्रित करता है और एनीमिया होने की संभावना को भी कम कर देता है।
  • महिलाओं के अंदर डिम्बग्रंथि(ovarian cancer) और गर्भाशय(uterine cancer) के कैंसर के साथ-साथ
  • अल्सर और श्रोणि की सूजन होने के खतरों से भी बचाता है।
  • यह मुंहासे के इलाज में भी मदद करता है।  [ये भी पढ़ें: गर्भनिरोध का बेहतरीन उपाय है महिलाओं में होने वाली नसबंदी]
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