जानें क्या है गर्भनिरोध के लिए लिया जाने वाले बर्थ कंट्रोल शॉट

Birth Control Shot: How It Works, Effectiveness and Risks

बर्थ कंट्रोल शॉट महिलाओं द्वारा प्रयोग किया जाने गर्भनिरोध का एक तरीका है जो कि प्रोजेस्टीन से बनता है। प्रोजेस्टीन प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का कृत्रिम रुप होता है। बर्थ कंट्रोल शॉट एक इंजेक्शन के रुप में होता है जिसे डॉक्टर आपके बाजू या कूल्हे में इंजेक्ट करता है। प्रत्येक शॉट 12 से 14 हफ्तों तक काम करता है। आप हर 12वें हफ्ते में एक शॉट ले सकती है जिससे पूरी तरह गर्भधारण से सुरक्षा की जा सके। अगर गर्भनिरोध के लिए आप ये तरीका अपना रही है तो आपको जानना चाहिए कि ये कितना प्रभावी है।[ये भी पढ़ें: गर्भनिरोधक गोलियों के असर को कम कर देते हैं ये कारक]

कैसे काम करता है बर्थ कंट्रोल शॉट: जन्म नियंत्रण शॉट(इसे केवल शॉट भी कहा जा सकता है) में हार्मोन प्रॉजेस्टीन होता है। प्रोजेस्टीन ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को रोक कर आपको गर्भाधारण करने से रोकता है। जब ट्यूब में अंडा नहीं बन पाता है तो गर्भधारण नहीं होता। दूसरी प्रक्रिया में यह सर्वाइकल म्यूकस को मोटा बना देता है जिसके बाद उसके माध्यम से शुक्राणु प्रवेश नहीं कर पाता। जब शुक्राणु और अंडे का संयोजन नहीं हो पाता तो स्वभाविक तौर पर गर्भधारण रुक जाता है।

कितने समय में काम करता है: बर्थ कंट्रोल शॉट बहुत ही जल्दी काम करना शुरु कर देता है। अगर आप इसे पीरियड्स के बाद 5 दिनों के अंदर ही लेती हैं तो यह पहले शॉट से ही गर्भनिरोध के तौर पर काम करना शुरु कर देता है।

कितना प्रभावी है बर्थ कंट्रोल शॉट:  सभी गर्भनिरोधक तरीकों और तकनीकों में बर्थ कंट्रोल शॉट काफी प्रभावी तरीका है। अध्ययनों के मुताबिक अधिकतर मामलों में यह गर्भधारण से 99 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करता है।

क्या हर महिला शॉट का उपयोग कर सकती है: अधिकतर महिलाओं के लिए बर्थ कंट्रोल शॉट उचित विकल्प हो सकता है, लेकिन जिन महिलाओं को निम्न समस्याएं हैं उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

  • अनिश्चित वजाइनल ब्लींडिंग
  • लीवर डिजीज
  • ब्लड क्लॉट्स
  • इस गर्भनिरोध तरीके का इस्तेमाल टीनएजर महिलाओं और ओस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त महिलाओं को ध्यानपूर्वक करना चाहिए।

इसके साइड इफेक्ट्स क्या है:  बर्थ कंट्रोल शॉट काफी असरदार उपाय है लेकिन कभी-कभी इसके साइड इफेक्ट भी देखने को मिलते हैं। इससे होने वाले साइड इफे्क्टस में निम्न शामिल हैं-

  • अनियमित मासिक चक्र
  • सिर दर्द
  • घबराहट
  • अवसाद
  • चक्कर आना
  • मुंहासे
  • वजन बढ़ना
  • चेहरे पर अनचाहे बाल
  • बालों का गिरना
  • बोन डेंसिटी में गिरावट

बर्थ कंट्रोल के फायदें:

  • आपको इसके लिए हर रोज ध्यान देने की जरुरत नही हैं और यौन सम्बंध से पहले इसके इस्तेमाल की चिंता करने की जरुरत नहीं है।
  • इससे लंबे समय के लिए सुरक्षा मिलती है और इसे आप हर तीन महीने में ले सकती है।
  • यह अधिक प्रभावी है।

बर्थ कंट्रोल शॉट के नुकसान:

  • हर बार शॉट इंजेक्ट कराने के लिए डॉक्टर के पास जाना परेशानी का सबब हो सकता है।
  • अगर आप गर्भधारण करना चाह रही है तो आपको शॉट का उपयोग करना कई महीनों पहले बंद करना पड़ेगा।
  • इसके कारण आपके पीरियड्स में बदलाव हो सकते हैं।
  • यह यौन संचारित रोगों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करता है।[ये भी पढ़ें: जानिए गर्भनिरोधन से कैसे जुड़ा है लैक्टेशनल अमेनोरिया मेथड]
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