ये योगासन अपनाकर ऑस्टिओअर्थराइटिस के लक्षणों से पाएं छुटकारा

Yoga postures to reduce the symptoms of Osteoarthritis

ऑस्टिओअर्थराइटिस जोड़ों में होने वाला एक रोग है, जो हड्डियों को आराम पहुंचाने वाले कार्टिलेज को क्षतिग्रस्त कर देता है। इससे ग्रस्त लोगों के जोड़ों में अकड़न, दर्द और सूजन जैसी परेशानियों का सामना कर पड़ता है। हम सभी जानते हैं योग कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों का समाधान है। इसलिए अगर अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करेंगे तो आप ऑस्टिओअर्थराइटिस के लक्षणों से छुटकारा पा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे योगासन जो आपको ऑस्टिओअर्थराइटिस के लक्षणों से छुटकारा दिला सकते हैं। [ये भी पढ़ें: रोज अच्छा महसूस करना चाहते हैं तो ये योगासन आएंगे काम]

1.पर्वत आसन(माउंटेन पोज़):
Yoga postures to reduce the symptoms of Osteoarthritisपर्वत आसन करने के लिये सबसे पहले अपने पैर के अंगूठों के बल पर खड़े हो जाएं(आपकी दूसरे पैर की अंगुलियों को समानांतर और आपकी एड़ी थोड़ी अलग होनी चाहिए)। दोनों अंगूठों को आपस में मिला लें और एड़ियों को अलग-अलग रखें। अंगूठों पर अपना पूरा वजन लेकर खड़े हो जाए और गहरी सांस लें। अपने रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। इस दौरान आपके हाथ नीचे की तरफ होने चाहिए। हथेलियां बाहर की तरफ रहेंगी। एक मिनट तक इस मुद्रा में रहें और अपने सांस को अंदर-बाहर लें। फिर वापस अपने पैरों को सीधा जमीन पर रख लें।

2.वारियर टू:
Yoga postures to reduce the symptoms of Osteoarthritisसीधे खड़े होते हुए अपने एक पैर को आगे की तरफ बढ़ाएं। अपने हाथ को सामने की तरफ आगे-पीछे करें(साइड में नहीं), जब तक कि वह जमीन के समानांतर ना हो जाएं। अपने एड़ी के बल दाहिने पैर को सीधा कर लें और दाएं पैर को 90 डिग्री की तरफ घुमा लें। अब अपने घुटनों को मोड़ें। अपने सिर को बाएं मोड़ें और अपनी फैली हुई अंगुलियों पर ध्यान दें। इसे एक मिनट तक दबाएं, फिर अपने पैरों को उल्टा कर दें और इस आसन को बाई तरफ दोहराएं। [ये भी पढ़ें: बुढ़ापे में योग करना है फायदेमंद]

3.बाउंड ऐंगल:
जमीन पर बैठ जाएं और अपने पैरों को बिल्कुल आगे की तरफ अपने सामने रख लें। अपने घुटनों को झुकाएं और अपनी एड़ी को अपने कूल्हों की तरफ खींचें। दोनों घुटनों को दोनों तरफ रखें और अपने पंजों को मिलाकर बैठे। अपने पैरों के बाहरी किनारों को ज़मीन पर रखें ताकि वह सही स्थिति में रहे। इस आसन को कम से कम 5 मिनट के लिये करें।

4.स्टॉफ पोज़(दंडआसन):
माउंटेन पोज़ की तरह ही यह आसन भी आसान होता है, लेकिन इसका तरीका अलग होता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले ज़मीन पर बैठ जाएं और अपने दोनों पैरों को मिलाकर सीधा कर लें। अब अपने कंधों को सीधा कर लें। अपने दोनों पैरों को एक साथ गोल-गोल घुमाएं। इस प्रक्रिया को कम से कम एक मिनट तक करें।

ऑस्टिओअर्थराइटिस के दौरान योग के फायदे:
हालांकि आप योग को मुख्य रूप से एक फिटनेस एक्टिविटी के रूप में देख सकते हैं, लेकिन एक शोध के मुताबिक योग करने से ऑस्टिओअर्थराइटिस के लक्षणों को आसान बनाया जा सकता है और इस परेशानी में राहत पाई जा सकती है। एक शोध में उन लोगों पर अध्ययन किया गया है जो ऑस्टिओअर्थराइटिस से पीड़ित हैं और उन्होंने योगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया है। अध्ययन में निकले निष्कर्षों में पता चला है कि योग करने वाले लोगों को जोड़ों में अकड़न, रोज की गतिविधियों के दौरान दर्द और काम करते वक्त अन्य परेशानियों से राहत मिली है। [ये भी पढ़ें:  एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस में फायदेमंद हैं योग और पाइलेट्स]

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