इन योग की मदद से बनाएं अपने पाचन तंत्र को बेहतर

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अपच की समस्या, पेट में मरोड़ देना, कब्ज या फिर पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं को हम अक्सर छोटी मोटी समस्या मानकर अनदेखा कर देते हैं लेकिन असल में यह समस्या काफी गंभीर होती है। पाचन तंत्र हमारे शरीर का एक प्रमुख हिस्सा है, अगर पाचन तंत्र सही ढंग से काम ना करे तो कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं। पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए कुछ योग आसन है। इन आसनों का अभ्यास कर आप अपने पाचन तंत्र को बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं इन योग आसनों के बारे में। [ये भी पढ़ें: इन योग आसनों की मदद से घटायें बेली फैट]

मयूरासन:

योग के आचार्यों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के आसन को नियमित रूप से करता है। तो उस व्यक्ति का पाचन तंत्र इतना बेहतर बनाता है कि व्यक्ति किसी भी तरह का भोजन खा सकता है। इस आसन के बाद व्यक्ति अपने भीतर एक ताजगी महसूस करता है और पाचन तंत्र में ऑक्सीजन युक्त रक्त का बहाव होता है। जो पाचन क्रिया को बेहतर करता है। इसको करने के लिए सबसे पेट के बल किसी भी स्थान पर लेट जाएं और इसके बाद अपने दोनों हाथों को फर्श पर पेट के नीचे से टिकाते हुए, अपने शरीर का सारा भार अपने दोनों हाथों के फॉरआर्म्स पर लें।

अर्धा मत्स्येंद्रासान:

अर्धा मत्स्येंद्रासान आसन के दौरान शरीर में होने वाले ट्वीस्ट के कारण यह पाचन तंत्र को बेहतर बनने में मददगार साबित होता है। इस योग आसन में पाचन तंत्र को साफ़ करने की क्षमता होती है। यह पाचन तंत्र के अंगों से रक्त संचार को कम कर देता है, जिसके बाद जब फिर से रक्त संचार होने लगता है तो ऑक्सीजन युक्त नया रक्त जाता है। जो पाचन तंत्र को ठीक रखने का काम करता है। इसको करने के लिए सबसे पहले पालथी मार कर एक स्थान पर बैठ जाएं। इसके बाद अपने दायें पैर को बाएं पैर के ऊपर ले जाते हुए, पीछे की तरह ले जाए। इसके बाद अपने अपनी पीठ को दायीं तरफ मोड़ते हुए गर्दन को भी उसी दिशा में मोड़ें, ठीक ऐसा ही विपरीत दिशा में मोड़ें। [ये भी पढ़ें:चेहरे को पतला करने के लिए लें इन योग तकनीक सहारा]

पश्चिमोत्तानासन:

पश्चिमोत्तानासन पीठ की स्ट्रेचिंग के लिए बेहद कारगर आसन है। यह व्यक्ति के पाचन तंत्र भी काम करता है। इसको करने पर व्यक्ति के बेली और पाचन तंत्र पर बहुत ज्यादा दवाब पड़ता है। इस दौरान व्यक्ति का सांसों की आवाजाही से पाचन तंत्र से कम्प्रेशन को कम करता है। इसको करने के सबसे पहले अपने दोनों पैरो को आगे की तरफ फैला ले। इसके बाद अपने अपने सिर को धीरे-धीरे अपने घुटने की तरफ लाएं, इस दौरान आपके पीठ और पेट पर खासा दवाब पड़ता है। धीरे-धीरे अपने माथे को अपने घुटनों से टच करें।

सवासन:

यह योग आसन व्यक्ति के लिए न केवल पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है। साथ ही साथ यह अलग-अलग तरह से व्यक्ति को फायदा पहुंचाता है। यह आसन व्यक्ति एक पाचन अंगों में ऑक्सीजन का संचार बेहतर रूप में करता है। जिसके कारण वह ठीक तरीके से काम करता है। इसके साथ-साथ यह आसन पाचन अंगों को साफ रखने में भी मदद करता है। उसको करने के लिए किसी भी स्थान पर पीठ के बल लेट जाएं, लेटने के बाद अपने दोनों हाथों और पैरों को पूरी तरह से खोल लें। आराम की मुद्रा में आंखें बंदकर के लेट जाये। [ये भी पढ़ें:जाने क्या है योग निद्रा और क्या है इसके फायदे]

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