गुस्से को नियंत्रित करने के लिए इन योग मुद्रा का अभ्यास करें

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क्या आप अपने गुस्से को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं और अपने आसपास की वस्तुओं को तोड़ने लगते हैं। इससे आप अपना वित्तीय नुकसान तो करते ही हैं साथ ही आप इससे कहीं ज्यादा खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं। गुस्सा आपके काम और निजी संबंधों में तनाव पैदा करता है और आपके स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है तो जरुरत है कि आप इसको नियंत्रित करने के लिए कुछ करें। योग विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ योग मुद्राओं के अभ्यास से आपका मन शांत होता है जिससे आप अपना गुस्सा नियंत्रण कर पाते हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये योग मुद्रा। [ये भी पढ़ें: गर्मी से राहत पाना है तो आज से ही करें ये योगासन]

सेपना मुद्रा:

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यह मुद्रा डिप्रेशन को कम करने में मदद करती है, शरीर से नकारात्मक ऊर्जा और विषाक्त पदार्थों को निकालती है। इस मुद्रा को करने के लिए अपने हथेलियों को एक साथ रखें। ध्यान रखें कि आपकी पांचों अंगुलियां एक साथ हो। अब अपनी इंडेक्स फिंगर को एक साथ रखते हुए अन्य सभी अंगुलियों को मोड़े और आपस में बांध लें। अब इस मुद्रा को नीचे की तरफ मोड़ लें।

ज्ञान मुद्रा:

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इस मुद्रा को करते समय हाथ के अंगूठे और तर्जनी अंगुली को एक साथ दबाया जाता है। इसके जरिए आपका रूट चक्र सक्रिय होता है और मन को शांत करने में मदद मिलती है। इस मुद्रा को करते वक्त पदमासन में बैठें और अपना हाथ और हथेली को अपनी गोद के पास आगे की ओर रखें। अब अपनी सभी अंगुलियों को बढ़ाते हुए अपनी तर्जनी और अंगूठे को एक साथ मिलाएं। [ये भी पढ़ें: सिर्फ 15 मिनट योग अभ्यास से बेहतर करें अपनी रोग प्रतिरोध क्षमता और लचीलापन]

मुष्ठि मुद्रा:

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इस मुद्रा के जरिए आपको गुस्सा, निराशा, चिड़चिड़ापन और नकारात्मक भावनाओं जैसे मनोभावों को कम करने में मदद मिलती है। अपने हाथों को एक मुट्ठी की तरह बनाएं, अपने अंगूठे को दूसरी अंगुलियों पर रखें। गुस्से से राहत पाने के लिए इस मुद्रा को पांच से दस मिनट तक करें।

उनमामी मुद्रा:
yoga poses to deal with anger जब आप इस मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो आपका मन शांत होता है साथ ही ध्यान को गहरा करने में मदद मिलती है जिससे तनाव और उससे संबंधित विकार जैसे गुस्से को कम करने में सहायता मिलती है। पदमासन में बैठ जाएं और अपने भौहों के बीच के हिस्से पर अपना सारा ध्यान केंद्रित करें जिसे तीसरी आंख के रूप में भी जाना जाता है। अपने मन से बाकी सारे विचार निकाल दें और केवल इस बिंदु पर ध्यान देने का प्रयास करें। [ये भी पढ़ें: बालों की वृद्धि के लिए ये योगासन हैं मददगार]

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