योगासन जो आपकी आंखो को बनाएं रखते हैं स्वस्थ

yoga poses for the eyes health

आंखों से संबंधित कई समस्याएं होती हैं। जैसे आंखों की मंसिपेशियों में होने वाली दिक्कतें, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, आंखों से पानी आना, थोड़ी देर देखने से आंखें लाल हो जाना, दूर दृष्टी दोष और निकट दृष्टि दोष आदि में से अधिकतर समस्याओं का कारण क्रोनिक स्ट्रेस और इमोशनल टेंशन होते हैं। योग इन कारणों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है। इसके साथ योग के माध्यम से व्यक्ति अपनी आंखों की मांसपेशियां ‘मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया को ठीक करने का काम भी करता है। आइए जानते हैं कि किस तरह से योग व्यक्ति के आंखों को स्वस्थ रखने का काम करता है। [ये भी पढ़ें: योगासन जो करे शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी को कम]

पामिंग:

yoga poses for the eyes health
photo credit: telegraphindia.com

इसको करने के लिए एक स्थान पर बैठ जाए। इसके बाद गहरी सांस ले और अपनी हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़ें और तब तक रगड़े जब तक उसमें गर्माहट पैदा न हो। इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को अपने आखों पर लगाएं। अपनी हथेलियों को तब तक लगा कर रखें जब तक हाथों की गर्मी आंखों में लगने लगे। अपनी आखों को बंद रखें और वापस इसी प्रक्रिया को दोहराएं।

पलक झपकाना:
yoga poses for the eyes healthएक स्थान पर आरामदायक मुद्रा में बैठ जाये और अपनी आंखों को जल्दी-जल्दी 10 बार बहुत तेजी के साथ झपकाए। इसके बाद अपनी आंखों को 20 सेकेंड के लिए आराम दें और अपनी आंखों को बंद ही रखें। इसके बाद अपनी सांसों पर ध्यान लगायें। [ये भी पढ़ें: योग से पाए दमकती और निखरी त्वचा]

साइड में देखने का अभ्यास:yoga poses for the eyes health अपने सिर को उसी मुद्रा में रखें और सबसे पहले अपनी दोनों आँखों कि बीच की जगह पर देखें। इसके बाद बाए अंगूठे को देखें फिर बीच में देखें इसे बाद फिर दायें अंगूठे को देखें इसके बाद एक फिर बीच में देखें और फिर से एक बाद बाये अंगूठे को देखें। इसको लगभग 10 से 20 बार करें। इस तरह के अभ्यास के बाद आँखों को बंद कर के आराम दें।

ऊपर-नीचे देखने का अभ्यास:
yoga poses for the eyes healthइसका अभ्यास करने के लिए सबसे पहले एक स्थान पर बैठ जाए और अपने पैरों को सामने की तरफ फैला लें। इसके बाद अपने दोनों हाथों को ऊपर करते हुए अंगूठे को बाहर निकाल लें। इसके बाद अपने दाए हाथ के अंगूठे को ऊपर की ओर लेकर जाए और इसके साथ अपनी नजरों को भी लेकर जाए। हाथों को जितना ऊपर लेकर जा सकते हैं ले जाये साथ ही अपनी नजरों को भी उसी के साथ ऊपर करें। ठीक यही प्रक्रिया बाएं अंगूठे के साथ भी करें। इसका अभ्यास कम से कम 5 बार करें। इसको करने के बाद अपनी आंखों को आराम दें और उसे कुछ समय के लिए बंद रखें। ये भी पढ़ें:उज्जायी प्राणायाम करने की विधि और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ]

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