फोन इस्तेमाल करने की वजह से शारीरिक नुकसान को सही करने के लिए योग

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yoga poses for negative body effects by using mobile phone

कई लोगों को फोन का इस्तेमाल करने की लत लग जाती है। जिस वजह से वह अधिकतर समय अपने फोन पर सोशल साईट या चैटिंग का इस्तेमाल करते रहते हैं। फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगते हैं और शारीरिक बनावट और पोश्चर बिगड़ने लगता है। जिस वजह से अक्सर शरीर की किसी ना किसी मसल्स में दर्द रहता है और आपका स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। फोन का इस्तेमाल करना मुख्यतः आपकी गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है, जो कि शारीरिक ढांचे की बुनियाद माने जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ योगासन प्रभावशाली होते हैं, जो आपकी मसल्स से तनाव हटाकर लचीलापन बढ़ाते हैं और दर्द को दूर करते हैं। आइये जानते हैं कि फोन का इस्तेमाल करने की वजह से हुए शारीरिक दर्द को दूर करने के लिए कौन से योगासन मददगार होते हैं। [ये भी पढ़ें: घर पर योग का अभ्यास शुरू करने के लिए जरुरी टिप्स]

अधोमुख श्वानासन:

अधोमुख श्वानासन काफी फायदेमंद योगासन है, जो आपके शारीरिक पोश्चर को सुधारने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। इसे करने के लिए पैरों को कमर के बराबर खोल लीजिए और हथेलियों को कंधों के बराबर खोलकर जमीन पर रख लीजिए। अब कूल्हों को जितना हो सके ऊपर की तरफ उठाएं और सिर को दोनों हाथों के बीच में रखें। इस आसन को करते हुए पेट की मांसपेशियों को टाइट रखें और सांस को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करें।

ताड़ासन:

ताड़ासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी और कमर के निचले हिस्से को मजबूती मिलती है। इसे करने के लिए पैरों को मिलाकर खड़े हो जाएं और हाथों को ऊपर की तरफ सीधा कर लें। अब जितना हो सके उतना एड़ियों को उठाकर शरीर को ऊपर की तरफ खींचें। इसी अवस्था में कुछ देर रुके रहें और सांस लेते रहें। [ये भी पढ़ें: योग का अभ्यास करने से कौन से फायदे मिलते हैं]

मत्स्यासन:

मत्स्यासन करने से गर्दन का तनाव और दर्द दूर होता है, साथ ही शरीर का पोश्चर सुधरता है और आपके कूल्हों को भी मजबूती मिलती है। इसे करने के लिए जमीन पर कमर के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों के नीचे रख लें। अब अपने पेट को जितना हो सके उतना ऊपर उठाए रखें।

उत्तानासन:

यह योगासन पैरों को मजबूत बनाने के साथ कमर और कंधों से तनाव दूर करता है। इसे करने के लिए दोनों पैरों को मिलाकर खड़े हो जाएं और अब दोनों हाथों को ऊपर की तरफ सीधा कर लें। सांस को बाहर छोड़ते हुए हाथों की अंगुलियों से पैरों के पंजों को छुएं। इसी अवस्था में कुछ देर रुके रहें।

मर्जर्यासन और बितिलासन:

यह आसान गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी को मजबूती देता है साथ ही तनाव को दूर करता है। इसे करने के लिए घुटनों और हथेलियों को जमीन पर रख लें। अब सिर को नीचे रखते हुए कमर को ऊपर की तरफ उठाएं और फिर कमर को मोड़ते हुए छाती को ऊपर उठाएं। कुछ देर इसी प्रक्रिया को दोहराएं। [ये भी पढ़ें: इटिंग डिसऑर्डर के लिए योगासन]

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