योगासन जो आप बैड पर भी कर सकते हैं

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yoga poses you can practice on bed

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योग से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। योग से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक लाभ भी होते हैं। योग करने से दैनिक कार्यों को करने के लिए ऊर्जा भी मिलती है। योग के कई फायदे होने के बावजूद भी लोग इसका अभ्यास नहीं करते हैं क्योंकि लोगों को सुबह जल्दी उठने में आलस आता है। अगर आपको योग करने में आलस आता है तो आप इसे बैड पर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं। यह योगासन बहुत आसान होते हैं जिन्हें बैड पर बैठकर आप आसानी से कर पाएंगें। तो आइए आपको इन योगासनों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: कितनी बार योग का अभ्यास करना बेहतर होता है]

बालासन:

इस योग का अभ्यास करने से कूल्हों, जांघों और टखनों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। इसके अलावा, यह तनाव और थकान को दूर करने में भी मदद करता है। बालासन करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं उसके बाद अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को आगे की तरफ झुकाकर माथे को बैड से टच कराएं।

मार्जरीआसन:

मार्जरीआसन को कैट पोज टू गाय पोज कहते हैं। यह शरीर के संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, रीढ़ और गर्दन में लचीलापन होता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए, अपने हाथों और घुटनों के सहारे बिस्तर पर बैठ जायें। फिर अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए गाय की तरह अपनी पीठ और सिर को ऊपर उठाएं और अपने पेट को आराम दें। [ये भी पढ़ें: योग को बेहतर बनाने के नियम]

पश्चिमोत्तानासन:

यह योग मुद्रा मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है साथ ही तनाव और अवसाद को दूर करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, यह रीढ़ की हड्डी, कंधों और हैमस्ट्रिंग मैं तनाव पैदा करता है इस आसन का अभ्यास करने के लिए अपने बिस्तर पर ही पैरों को सामने फैलाएं और इसके बाद अपने हाथों को उठाएं और फिर अपने पैर या टखनों तक पहुंचें। इसके बाद आगे बढ़ना जारी रखें और माथे को घुटने तक पहुंचाने की कोशिश करें।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन:

यह योग मुद्रा पीठ की मांसपेशियों और ग्लूट मसल्स में खिंचाव पैदा करता है इसके अलावा, कूल्हों को मालिश की तरह लाभ प्रदान करता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपने दाएं घुटनें को बायी तरफ लेकर आएं। उसके बाद अपने बाएं हाथ को घुटने पर रखें। इसी तरह से दूसरे घुटने की मदद से भी करें।

आनंद बालासन

यह योग आसन कूल्हों और आंतरिक जांघों के मसल्स को खोलता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को अपनी छाती के करीब लाएं और अपने पैरों के किनारों को पकड़ें इसके बाद अपने निचले हिस्से को बिस्तर पर फैलने दें। [ये भी पढ़ें: अस्थमा के लिए प्रभावी योगासन]

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