Yoga: राशि के अनुसार आपको कौन से योगासन करने चाहिए

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Yoga: अपने राशि के अनुसार योग का अभ्यास करना चाहिए

Yoga: योग समग्र स्वास्थ्य और फिटनेस बनाए रखने के लिए फायदेमंद होता है। योग का नियमित अभ्यास शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है। इसके अलावा योग का अभ्यास आपके दिमाग और शरीर दोनों को शांत रखता है। लोग अपने लक्ष्यों के अनुसार योग का अभ्यास करते हैं क्योंकि हर किसी की समस्या अलग होती है और उनके लिए योग मुद्राएं भी अलग होती है। योग का लाभ उठाने के लिए, आप उसे सही तरीके से करने की जरूर है या फिर अपने ट्रेनर की बात को ध्यानपूर्वक सुनने की भी जरूरत है। इसके अलावा, जैसा कि हम जानते हैं कि राशि विभिन्न शरीर के अंगों से जुड़े होते हैं। यदि आप राशि के अनुसार योग का अभ्यास करते हैं तो यह जबरदस्त लाभ प्रदान करता है। [ये भी पढ़ें: योग की मदद से कैसे घटाएं वजन]

Yoga: राशि के अनुसार कौन से योगासन आपको लाभ प्रदान करते हैं:

  • मेष- हस्तपादासन
  • वृषभ- असानास
  • मिथुन- वशिष्ठासन
  • कर्क- भुजंगासन(कोबरा पोज)
  • सिंह राशि- सलंब भुजंगासन(स्फिंक्स पोज)
  • कन्या- विपरीत करनी
  • तुला- नावासन
  • वृश्चिक- उष्ट्रासन
  • धनुष- त्रिकोणासन
  • मकर राशि – वीरभद्रासन
  • कुंभ राशि- सेतु बंधासना
  • मीन – ताड़ासन

मेष(21 मार्च से 19 अप्रील):

मेष राशि वाले लोग मानसिक रूप से स्वस्थ होते हैं। इसलिए हस्तपादासन का अभ्यास करना उनके लिए फायदेमंद है। यह और भी कई लाभ प्रदान करता है।  [ये भी पढ़ें:]

वृषभ (20 अप्रैल से 20):
20 अप्रैल से 20 मई के बीच पैदा हुए लोग हर चीज की सराहना करते हैं। इसलिए असानास का अभ्यास उनके लिए फायदेमंद होता है। यह आपको स्वाद, स्पर्श और स्मेल करने की झमता देते हैं।

मिथुन(21 मई से 20 मई):

मिथुन राशि वाले लोगों के हाथ, फोरआर्म्स और बाजुओं में ताकत होती है। इसलिए, वशिष्ठासन मुद्रा का अभ्यास क्षेत्र को मजबूत करने में मदद करता है। यह कोर मसल्स में भी सुधार करता है।

कर्क(21 जून से 22 जुलाई):

कर्क राशि के लोगों के पेट, छाती और ब्रेस्ट मजबूत होते हैं। यह लोग मुख्य रूप से कमजोर पाचन और अन्य पेट की बीमारियों से ग्रस्त होते हैं। इस संबंध में, वशिष्ठासन या हाफ मून योगा पोज आपके लिए सबसे अच्छा है। इसके अलावा, उचित पाचन समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है।

सिंह राशि(23 जुलाई से 22 अगस्त):

सिंह राशि वाले लोग साहसी होते हैं और प्रेम और भक्ति की भावनाओं के लिए भी जाने जाते हैं। चूंकि सिंह राशि वाले लोग दिल के मजबूत होते हैं इसलिए सलंब भुजंगासन उन्हें आंतरिक रूप से कनेक्ट करने में मदद करता है।

कन्या(23 अगस्त से 22 सितंबर):

कन्या राशि चक्र वाले लोग ज्यादातर पेट की समस्याओं और तंत्रिका विकारों का सामना करते हैं। इन मुद्दों के कारण, सबसे उपयुक्त योग मुद्रा विपरीत करनी है। यह मुद्रा आपको अपने सभी तनाव से मुक्त करने और आपकी चिंता को कम करने में मदद करता है।

तुला(23 सितंबर से 22 अक्टूबर):

तुला ऊर्जा संतुलन का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए, इस राशि वाले लोगों को नावासन का अभ्यास करना चाहिए ताकि उनका कोर बैक मसल्स इंगेज और स्वस्थ रहे।

वृश्चिक(23 अक्टूबर से 21 नवंबर):

वृश्चिक राशि चक्र वाले लोग फेफड़ों, आंतों और गले के विकारों जैसी समस्याओं से ग्रस्त होते हैं। इस संबंध में उष्ट्रासन का अभ्यास करना लाभकारी होता है। इस योग मुद्रा का नियमित अभ्यास रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और दिल की धड़कन को भी प्रेरित करता है।

धनुष(22 नवंबर से 21 दिसंबर):

22 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच पैदा हुए लोगों को कूल्हों और जांघों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में त्रिकोणासन मुद्रा सबसे अच्छी लाभकारी होती है। यह मुद्रा जांघ की मांसपेशियों को मजबूत करने की क्षमता को बढ़ाता है।

मकर राशि(22 दिसंबर से 19 जनवरी):

मकर राशि वाले लोग व्यावहारिक और जिम्मेदार होते हैं। इसलिए, वीरभद्रासन उनके लिए फायदेमंद होता है क्योंकि यह घुटनों के आस-पास की मांसपेशियों को संलग्न करती है। घुटने के आसपास मजबूत मांसपेशियों को आप दृढ़ता से आगे बढ़ा सकते हैं।  [ये भी पढ़ें: योगासन जो आपकी खूबसूरती को बरकरार रखते हैं]

कुंभ राशि(20 जनवरी से 18 फरवरी):

कुंभ राशि वाले लोगों के पैरों और टखनों में अक्सर क्रैम्प आ जाती है। कुंभ राशि वाले लोगों के लिए, सेतु बंधासना फायदेमंद होता है। यह मुद्रा गर्दन, छाती, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी स्ट्रेच करता है।

मीन(19 फरवरी से 20 मार्च):

मीन वाले लोगों में लचीलापन होता है। इसलिए, ताड़ासन उनके लिए काफी फायदेमंद होता है।

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समग्र स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए योगा काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा, योग तनाव और अवसाद से भी राहत प्रदान करता है।

 

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