जानें क्या है अनुलोम विलोम प्राणायाम और इसके स्वास्थ्य लाभ

what is anulom vilom pranayam and what are its benefits

अनुलोम विलोम योग में मौजूद प्राणायाम योगासनों में से एक है। अनुलोम विलोम प्राणायम शरीर के दोषों को नियंत्रित करने के लिए बेहतर प्राणायाम है। शरीर के तीन दोष वात(वायु), पित्त और कफ को संतुलित रखने के लिए ये प्राणायाम बहुत ही फायदेमंद होता है। अनुलोम विलोम प्राणायाम करने के लिए सुबह का समय बहुत ही अच्छा माना जाता है क्योंकि इस समय दिन के अन्य समय के मुकाबले हवा काफी शुद्ध होती है। अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करते हैं और इसके क्या फायदे होते हैं आइए जानते हैं।  [ये भी पढ़ें: जानें कूर्मासन योग करने का तरीका और इससे होने वाले फायदे]

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने का तरीका:
पहला चरण (राउंड 1):

  • सबसे पहले प्राणयाम की मुद्रा में बैठ जाएं। प्राणायम की मुद्रा के लिए दोनो पैरों को एक दूसरे पर रखें और पालथी मार कर बैठ जाएं।
  • सबसे पहले एक मिनट के लिए अपने सांसों पर ध्यान दें। अपने नाक में बहते हुए हवा के बहाव को महसूस करें।
  • अपने दायें हाथ की तर्जनी अंगुली और उसके बगल की अंगुली को मोड़कर प्राणायाम मुद्रा बनायें और अपने दायें हाथ के अंगूठे से दायें तरफ की नाक को बंद करें और बाएं नाक से गहरी सांस लें।
  • सांस लेने के बाद बायीं तरफ के नाक को दबाएं और दायीं तरफ की नाक से सांस छोड़ें।
  • सांस छोड़ने के बाद बायीं तरफ की नाक से फिर दोबारा सांस लें।
  • दायीं तरफ के नाक को फिर बंद करें और बायीं तरफ के नाक से छोड़ें।
    (यह प्रक्रिया दस बार दोहराएं और फिर कुछ देर के बाद दूसरे चरण की तरफ बढ़ें।)

दूसरा चरण(राउंड 2): बाएं हाथ को प्राणायाम मुद्रा में लायें। पहले चरण की प्रक्रिया को फिर से दोहराएं बस इस बार बायीं तरफ के नाक को बंद करके दायीं तरफ की नाक से सांस लें। इस प्रक्रिया को भी दस बार दोहराएं। [ये भी पढ़ें: जानें कूर्मासन योग करने का तरीका और इससे होने वाले फायदे]

अनुलोम विलोम प्राणयाम के फायदे:

  • अनुलोम विलोम प्राणायाम से तुरंत शान्ति और ख़ुशी का अनुभव होता है।
  • योग विज्ञान के अनुसार इस प्राणायाम से शरीर के 72000 नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है।
  • यह श्वशनतंत्र को मजबूत करता है तथा खून को भी साफ़ करता है।
  • यह प्राणायाम करने से खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है जिससे दिमाग, फेफड़ों, लीवर में ज्यादा मात्र में ऑक्सीजन पहुंचता है।
  • इस प्राणायाम को करने से तनाव दूर होता है।
  • बेचैनी, घबराहट और सिरदर्द की समस्या इस प्राणायाम को नियमित रूप से करने से दूर होती है।

किसे नहीं करना चाहिए प्राणायाम: अनुलोम विलोम प्राणायाम के साथ-साथ किसी भी तरह का प्राणायाम सावधानी के साथ करना चाहिए। बेहतर हो की ये किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक के नेतृत्व में किया जाये। अनुलोम विलोम प्राणायाम या अन्य प्राणायाम करते समय निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए।

  • गर्भवती महिलाओं तथा मासिक धर्म से गुजर रही महिलाओं को प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
  • व्यक्ति जिसे किसी भी प्रकार का हृदयरोग हो या फिर हाल ही में उसे दिल का दौरा पड़ा हो उसे प्राणायाम नहीं करना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को हमेशा किसी योग प्रशिक्षक के नेतृत्व में ही करना चाहिए। प्राणायाम करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना भी बेहद जरुरी है।
  • अगर निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, या बुखार हो तो प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
  • अगर व्यक्ति रेडिएशन थेरेपी या कीमोथेरेपी का उपचार करवा रहा हो तो उसे प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
  • मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहे लोगों को भी प्राणायाम नहीं करना चाहिए। [ये भी पढ़ें: रोज अच्छा महसूस करना चाहते हैं तो ये योगासन आएंगे काम]
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