अस्थमा के लिए प्रभावी योगासन

Reduce the symptoms of asthma by doing these yoga poses

यह अच्छी तरह सबको पता होता है कि योग का अभ्यास करने से ना सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी लाभ होते हैं बल्कि योग शरीर के फिटनेस स्तर में भी सुधार लाता है। इसके अलावा ये कई बीमारियों को भी दूर रखने में मदद करता है। लोग अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इस तथ्य से अनजान हैं कि योग का अभ्यास करने से अस्थमा को भी नियंत्रित किया जा सकता है। अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है जो फेफड़ों के वायुमार्ग को जलाता और संकुचित करता है। ये सभी योगा पोज आपके चेस्ट को स्ट्रेच करते हैं और साथ ही अस्थमा के लक्षणों को भी कम करता है। इसके अलावा इनका अभ्यास धीमी गति में किया जाता है। आइए जानते हैं उन योग आसान के बारे में जो अस्थमा को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।  [ये भी पढ़ें: योग कैसे किसी भी रिलेशनशिप को मजबूत बनाती है]

प्राणामासन(प्रार्थना पोज):
यह योग मुद्रा ध्यान और शांति की स्थिति बनाता है। यह आपको अधिक प्रभावी तरीके से ध्यान करने में भी मदद करता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए आरामदायक स्थिति में अपने पैरों पर खड़े हो जाएं। फिर अपने हाथों को छाती के पास लाएं जिस प्रकार प्राथना करते हैं। सुनिश्चित करें कि आप नियमित अंतराल पर सांस ले रहे हैं।

पादाहस्त्रसना(पैर से हाथ तक का पोज):
अस्थमा को कम करने के लिए यह योग आसन बहुत उपयोगी होता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपना ऊपरी शरीर झुकाएं और जमीन को छूने के लिए अपने हाथों को बढ़एं। इसके बाद अपने माथे से घुटनों को छूने का प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि आपके पैर सीधे हों। जब आप अपने शरीर को झुकाते हैं तो सांस को बहार छोड़ें।  [ये भी पढ़ें: पुरुषों के लिए सबसे प्रभावी योगासन]

अश्व संचालानासना(इक्वेस्ट्रियन पोसे):
योग आसन अस्थमा को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। इस योग के आसन का अभ्यास करने के लिए अपने बाएं घुटने को उतारने के लिए आप समान रूप से पिछले पैर को खींचें। फिर सीधी स्थिति में अपना हाथ रखें और सिर को पीछे की ओर झुकाए। इसके बाद अपनी पीठ मोड़ें और छत की ओर देखें। अपने दाहिना पैर को पीछे खींचते समय सांस लें।

भुजंगआसन(सरपेंट पोज):
यह योग अस्थमा की समस्या को कम करने में मदद करता है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपने कंधों को झुकाते हुए अपनी दोनों हाथेलियों को जमीन पर रखें। इस लिफ्ट करने के बाद अपने चेस्ट और हाथों को सीधा करें और सिर की पीछे की ओर झुकाएं। सिर को पीछे झुकाते हुए सांस लें। [ये भी पढ़ें: आनंद बालासन करने की विधि और उससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ]

 

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