Benefits of Sukhasana: सुखासन करने के फायदे और विधि

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Benefits of Sukhasana or Easy Pose

Sukhasana Benefits: सुखासन का अभ्यास करना काफी आसान है और इसका अभ्यास आप कहीं भी कर सकते हैं।

Benefits of Sukhasana: सुखासन एक बहुत ही आम योग मुद्रा है जिसका अभ्यास मेडिटेशन और श्वास से जुड़े व्यायाम जैसे “प्राणायाम” करते वक्त किया जाता है। यह लोटस पोज़ या पद्मासन के विकल्प के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है। सुखासन शब्द सुख और आसन से मिलकर बना है। इसमें ‘सुख’ का मतलब ‘सहज’ और ‘आनंद’ है जबकि ‘आसन’ का मतलब है ‘मुद्रा’। सुखासन का अभ्यास करना काफी आसान है और इसका अभ्यास आप कहीं भी कर सकते हैं। इसके अभ्यास से आपको कई फायदे मिलते हैं। सुखासन का अभ्यास करने से आपके पोस्चर में सुधार होता है और आपकी कमर को आराम मिलता है। अगर आप दिनभर कुर्सी पर बैठे रहते हैं तो इस योगासन का अभ्यास जरुर करें। [ये भी पढ़ें : विपरीत करनी योगासन करने की विधि और इसके लाभ]

Benefits of Sukhasana: सुखासन करने से क्या लाभ होते हैं

  • सुखासन करने की विधि
  • सुखासन करने के फायदे

सुखासन करने की विधि:

  • जमीन में कोई चटाई या चादर बिछाएं और इस पर सीधे बैठ जाएं।
  • टांगो को अपने सामने फैलाएं।
  • अब टांगो को घुटने से मोड़ लें और घुटनों को बाहर की तरफ रखें।
  • अपने हर पैर को दूसरे पैर के घुटने के नीचे रखें।
  • हाथों को घुटनों पर रखें और हथेलियों को नीचे की तरफ रखें। कमर, सिर और गर्दन को सीधा रखें।
  • अपनी नजर सामने की तरफ रखें।
  • इस स्थिति में एक मिनट के लिए रहें।
  • अब अपने पैरों की स्थिति बदल लें।

सुखासन करने के फायदे:

  • सुखासन का अभ्यास करने से आपको अपनी रीढ़ को स्ट्रेच करने में मदद मिलती है। यह रीढ़ को लंबा करने में मदद करता है।
  • यह आसन आपके कॉलर बोन और छाती को चौड़ा करता है।
  • टखनों को खोलने में मदद करता है।
  • कमर की मांसपेशियों को मजबूत करता है और आपके शरीर की मुद्रा(पोस्चर) को सुधारता है।
  • यह आसन आपके शरीर में शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाने में मदद करता है।
  • टखनों, घुटनों और कूल्हों के जोड़ों का लचीलापन बढ़ाता है।
  • इसका अभ्यास उन लोगों के लिए अधिक बेहतर है जिनका शरीर कठोर है।
  • थकान को कम करने में मदद करता है। काम के बाद आप सुखासन का अभ्यास कर सकते हैं।
  • कमर और गर्दन को स्ट्रेच करने में मदद करता है।
  • यह आपके घुटनों, पिंडली की मांसपेशियों और जांघों को मसाज करने में मदद करता है।

[जरुर पढ़ें : स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए योगासन]

ये सभी सुखासन करने से होने वाले लाभ हैं। इसका अभ्यास हर रोज करने से आपको शारीरिक थकान से आराम मिलता है। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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