Shalabhasana Benefits: शलभासन करने की विधि और इसके लाभ

How to do Locust Posture

How to do Locust Posture: यह आसन गर्दन व कंधों की नसों को आराम पहुंचाता है।

Benefits of Shalabhasana: योग का अभ्यास शरीर और दिमाग को बहुत से स्वास्थ्य लाभ पाने में मदद करता है साथ ही यह दवाओं का एक बेहतर विकल्प है। आप इसके अभ्यास से खुद को स्वस्थ और तंदरुस्त रख सकते हैं। कई लाभकारी योगासनों में से शलभासन भी एक फायदेमंद आसन है जिसका अभ्यास आपको नियमित रुप से करना चाहिए। शलभासन(locust pose) का अभ्यास करने से आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है साथ ही कमर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। इसके सही लाभ पाने के लिये आपको इसे करने की सही विधि पता होनी चाहिए। आइए जानते हैं कैसे करें शलभासन और इसके क्या लाभ हैं। [ये भी पढ़ें: मरचरी आसन करने की विधि और इसके स्वास्थ्य लाभ]

Benefits of Shalabhasana: कैसे करें शलभासन और इसके क्या लाभ हैं

  • शलभासन करने की विधि
  • शलभासन के लाभ

शलभासन करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिये जमीन पर चटाई बिछाकर उस पर पेट के बल लेट जाएं।
  • इस दौरान दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को कमर के पास व सीधा रखें। हथेली ऊपर की ओर रखें।
  • अब गहरी सांस लेते हुए अपने सीधे पैर को ऊपर दीवार की ओर उठाएं। इस दौरान हिप्स और घुटनों को मोड़े नहीं और सांस लेते रहें।
  • अब सीधे पैर को नीचे रखें। इस प्रक्रिया को अपने उल्टे पैर के साथ दोहराएं। इस प्रकिया के दौरान हाथों को स्थिर रखें।
  • अब सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान हिप्स को सीधा रखें। घुटनों को मोड़े नहीं।
  • हाथों को कमर के बराबर में सीधा रखें और सांस लेते रहें।
  • अब सिर को ऊपर की उठाएं। पैरों को नीचें ले आएं और आराम की अवस्था में आ जाएं।
  • इस आसन का 2-4 मिनट के लिये अभ्यास करें।

शलभासन के लाभ

  • शलभासन(Shalabhasana) का नियमित अभ्यास करने से आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है जिससे आपको हर स्थिति में काम करने की क्षमता बढ़ती है।
  • शलभासन का अभ्यास आपकी कमर की मांसपेशियों को मजबूत करता है और कमर के स्वास्थय को बढ़ाता है।
  • शलभासन करने से पाचन क्रिया को सुधारने में मदद मिलती है।
  • इस आसन के अभ्यास से हाथों और कंधों की मजबूती बढ़ती है।
  • यह आसन गर्दन व कंधों की नसों को आराम पहुंचाता है।
  • ये पेट के अंगों के स्वास्थ्य को बढ़ाता है।
  • कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द से राहत दिलाता है।
  • पेट के आसपास जमे फैट को कम करने में मदद मिलती है।
  • इस आसन के अभ्यास से आपके शरीर की मुद्रा को सुधारने में मदद मिलती है।

[जरुर पढ़ें: गोमुख आसन करने की विधि एवं इसके स्वास्थ्य लाभ]

आप इस आसन का हर रोज अभ्यास कर सकते हैं। साथ ही इसके इन लाभों को प्राप्त कर सकते हैं। आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

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