चक्रासन योग करने की विधि और इसके स्वास्थ्य लाभ

how to do chakrasana and its health benefits

चक्रासन अष्टांग योग का एक हिस्सा है। इसे ऊर्ध्वधनुरासन, वील पोज और अपवर्ड फेसिंग बो पोज भी कहते हैं। यह योग करते वक्त व्यक्ति के शरीर की मुद्रा धनुष जैसी हो जाती है। यह आसन रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाने के लिए किया जाता है। जब यह आसन जिमनास्टिक में किया जाता है तो इसे बैक ब्रिज कहते हैं। तो आइए चक्रासन करने की सही विधि और इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।  [ये भी पढ़ें: वज्रासन करने की विधि और इसके स्वास्थ्य लाभ]

चक्रासन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान:
how to do chakrasana and its health benefitsइस बात का ध्यान रखे कि चक्रासन करते वक्त आपका पेट खाली हो। इसे करने के 4-6 घंटे पहले खाना खा लें ताकि चक्रासन करने के समय तक आपका भोजन पच जाए और आपको आसन करने के लिए ऊर्जा मिल सके। इस आसन को करने के लिए सुबह का समय सबसे सही माना जाता है लेकिन अगर आपके पास समय नहीं है तो आप इसे शाम को भी कर सकते हैं।

चक्रासन करने का तरीका:
1-सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने घुटने मोड़ लें ताकि आपके पैरों के तलवे फर्श पर रहे। मगर ध्यान रहे आपके पैर और नितम्बों के बीच चौड़ाई रहे।
2-आपके हाथ आपके कंधों के पीछे की तरफ होने चाहिए। इस बात का ध्यान रखे कि आपकी अंगुलियां खुली हो और आपके कंधे की तरफ इशारा करे।
3-एक बार जब आपको सहज महसूस होने लगे उसके बाद अपने वजन को संतुलित करें। उसके बाद अपने पैरों और हथेलियों को दबाएं और अपने शरीर को फर्श से उठाएं। अपने सिर को गर्दन के साथ लटके रहने दें।
4-सुनिश्चित करें कि आप सही तरीके से सांस ले पा रहे हों। अब धीरे और गहरी सांस लें।
5-इस मुद्रा में थोड़ी देर के लिए रहें। जब तक आपको सहज महसूस हो। अब धीरे-धीरे अपने हाथ और पैर को नीचे जमीन पर लाएं। अब जमीन पर कुछ देर शवासन की तरह लेटे रहें। उसके बाद ही सामान्य गतिविधि करें।  [ये भी पढ़ें: योग की मदद से बनाए शानदार फ्लैट एब्स]

चक्रासन करने के फायदे:
how to do chakrasana and its health benefits1-चक्रासन करने से आपके फेफड़े और छाती अच्छी तरह स्ट्रैच होते है साथ ही यह आपके कंधों और छाती में विस्तार करता है।
2-इस आसन को करने से आपके पैरों, रीढ़ की हड्डी, कंधे, पेट, कलाई और कमर को मजबूती मिलती है।
3-चक्रासन पिट्यूटरी और थायरॉयड ग्रंथियों को प्रोत्साहित करने के लिए जाना जाता है।
4-इसे करने से कमर के दर्द से राहत मिलती है।
5-यह अस्थमा, इनफर्टिलिटी और ऑस्टियोपोरोसिस का उपचार करता है।

चक्रासन करते समय बरते यह सावधानियां:
1-अगर इस आसन को करने से आपकी कमर में खिंचाव होता है तो इसे करना बंद कर देना चाहिए।
2-अगर आपको सिरदर्द या हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी है तो इस आसन को ना करें।
3-आपकी कलाई में कोई परेशानी है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
4-अगर इस आसन को करने से आपके कंधों में टकराव होता है तो यह आसन करना बंद कर दें। [ये भी पढ़ें: मकरासन आसन करने की विधि और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ]

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