भुजपीड़ासन करने की सही विधि और इससे होने वाले लाभ

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How to do Bhujapidasana and what are its benefits

योग कई प्रकार के होते हैं और भुजपीड़ासन योग उनमें से एक है। यह योगासन आपके स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से प्रभावी होता है। इस आसन को सोल्डर प्रेसिंग पोज भी कहा जाता है। इस आसन को करने में शरीर को ताकत की जरूरत पड़ती है और साथ ही यह आपके अंदर आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यह आसन योगा की शुरूआत करने वाले लोगों को नहीं करना चाहिए। इसके अलावा ध्यान रहे कि इस आसन को खाली पेट करना होता है। भुजपीड़ासन को करने से आपके शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है। इस आसन को करने में शुरूआत में थोड़ी मुश्किल होती है लेकिन धीरे-धीरे इसका अभ्यास करने से यह आपको आसान लगने लगेगा। यह आसन आपके हाथों के ताकत को बढ़ाने का बेहतर तरीका होता है। आइए जानते हैं भुजपीड़ासन करने की सही विधि क्या है और इससे क्या लाभ होते हैं।  [ये भी पढ़ें: शरीर में उर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए योगासन]

इसको करने की विधि:

  • अपने दोनों हाथों को आगे की ओर और पैरों को पीछे की तरफ करें और साथ ही कुल्हो को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • अब अपने घुटनों को मोड़ें और अपने दोनों पैरों को अपने हाथों के सामने लाएं।
  • अपने दोनों हाथों के कंधों को अपने घुटनों के निचे से लाएं
    और हथेलियों को निचे जमीन पर रखें।
  • अब अपने कुल्हों को थोड़ा नीचें की तरफ लाएं।
  • इसके बाद अपने पूरे शरीर का वजन अपनी हथेलियों पा लाएं और दोनों पैरों को आपस में जोड़कर क्रॉस बना लें।
  • अब धीरे-धीरे अपने पैरों को पीछे की तरफ ले जाएं और अपने सिर को जमीन पर रखें।
  • कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें फिर थोडा रिलैक्स कर के इसी दोबारा दोहराएं।

भुजपीड़ासन करने के लाभ:

  •  इस आसन को करने से आपके शरीर का नियंत्रण बनता है और साथ ही एकाग्रता भी बढ़ती है।
  • इसका अभ्यास करने से आपकी कलाई, हाथ और आपके अपर बॉडी में मजबूती आती है।
  • इसका अभ्यास करने से आपके एब्डोमेन में खिंचाव आता है जिससे आपका पाचन बेहतर होता है।
  • यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है।
  • भुजपीड़ासन का अभ्यास करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।
  • इसका अभ्यास करने से आपका नर्वस सिस्टम नियंत्रित रहता है।
  • इसका अभ्यास आपके सिरदर्द को ठीक करने में भी मदद करता है।  [ये भी पढ़ें: नंगे पैर योगा करने से क्या फायदे होते हैं]

भुजपीड़ासन के लिए सावधानियां:

  • अगर आपको कलाई, कोहनी, लोअर बैक और कंधे पर किसी प्रकार की चोट लगी है तो इस आसन को नहीं करें।
  •  अगर आपको सर्वाइकल स्पॉडिलाइटिस और ब्लड प्रेशर की भी समस्या है तो भी इस आसन को मत करें।
  • इस आसन को करने के लिए किसी योगा इन्सट्रक्टर की मदद जरूर लें। [ये भी पढ़ें: योग निद्रा क्या है और उसके स्वास्थ्य लाभ]

 

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