अत्यधिक गुस्से को शांत करने के लिए कौन से योगासन करने चाहिए

effective yoga poses that helps you to calm your anger

गुस्सा आने पर व्यक्ति का दिमाग काम करना बंद कर देता है और कई ऐसी चीजें करने लगता है जिससे उसको या सामने वाले को शारीरिक नुकसान भी पहुंच सकता है। इसके साथ ज्यादा या छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना आपके मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत रिश्तों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। लेकिन इन सभी नुकसानों को जानने के बाद भी कई लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं और नुकसान उठाते रहते हैं। मगर गुस्से के दौरान कुछ योगासन करने से आप मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं तथा शरीर में रक्त-प्रवाह और रक्त-चाप संतुलित होता है, जिससे आप अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना सीख जाते हैं। तो आइए आपको इन योगासनों के बारे मे बताते हैं। [ये भी पढ़ें: अधिक कैलोरी बर्न करने के लिए उपयोगी योगासन]

गणेश मुद्रा:

यह योगासन आपके दिमाग को शांत करता है और आप इसे कभी भी कर सकते हैं। इसे करने के लिए आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं और एक हथेली को बाहर की तरफ रखें और एक हथेली को अपनी तरफ रखें। अब दोनों हाथों की अंगुलियों को एक-दूसरे में अच्छी तरह फसा लें। कमर को सीधा रखते हुए गहरी सांस लें और धीरे-धीरे बाहर छोड़ें।

वीरभद्रासन 3:

इस योगासन को करने के लिए दोनों पैरों को आसपास रखकर खड़े हो जाएं। अब बायें पैर पर शारीरिक वजन डालकर दोनों हाथों को सिर के ऊपर की तरफ मिलाकर रख लें। अब धड़ को आगे की तरफ मोड़ते हुए दायें पैर को पीछे की तरफ ले जाएं। इस योगासन के दौरान हाथों, कमर और दायें पैर को एक सीध में रखें। अब इस प्रक्रिया को दूसरे पैर से भी करें। [ये भी पढ़ें: फोन इस्तेमाल करने की वजह से शारीरिक नुकसान को सही करने के लिए योग]

बद्ध वीरभद्रासन:

इस योगासन को करने के लिए बायें पैर को पीछे की तरफ सीधा रखें और दायें पैर को आगे की तरफ रखते हुए घुटना मोड़ लें। अब दोनों हाथों को कमर के पीछे मिला लें और सिर को आगे की तरफ झुकाते हुए दायें पैर के टखने के पास लाने की कोशिश करें। इसी अवस्था में धीरे-धीरे सांस लेते रहें।

उष्ट्रासन:

इस आसन को करने के लिए अपने घुटनों पर आ जाएं। अब कमर में झुकाव लाते हुए दोनों हाथों से दोनों एड़ियों को छूने की कोशिश करें। जब आप एड़ियां छू लें तो धीरे-धीरे सांस लेते रहें और इसी अवस्था में रुकें।

अनुलोम विलोम प्राणायाम:

इस योगासन को करने से आपका रक्तचाप सुधरता है और दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होता है। इसे करने के लिए आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं और छाती को सीधा रखें। अब एक नासिकाछिद्र को बंद करें और उससे लंबी सांस अन्दर खींचें, फिर पहले वाले नासिकछिद्र को बंद करके पहले वाले नासिकछिद्र से सांस बाहर छोड़ें। अब इसी छिद्र से सांस अन्दर खींचकर दूसरे छिद्र से बाहर छोड़ें। [ये भी पढ़ें: क्या है कुण्डलिनी योग और उससे होने वाले फायदे]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "