तनाव और सोरायसिस की समस्या हैं तो आज से ही करें ये योगासन

Benefits of yoga for stress and psoriasis

सोरायसिस एक अवस्था है जिसमें शरीर की कोशिकाएं बढ़ने लगती है और त्वचा पर बारीक और लाल दाने या फिर एलर्जी जैसी स्थिति आने लगती है। यह ऑटो इम्यून बीमारी है जो कि समय के साथ खुद-ब-खुद चली जाती है। त्वचा से जुड़ी यह समस्या इंसान पर मानिसक दबाव बनाती है और जिससे तनाव की संभावना बढ़ जाती है। वास्तव में तनाव और सोरायसिस आपस में जुड़े होते हैं क्योंकि तनाव सोरायसिस का एक बड़ा ट्रिगर है। स्पष्ट रूप से देखा जाए तो सोरायसिस के लिए कोई उपचार नहीं है, लेकिन योग की सहायता से आप सोरायसिस और तनाव दोनों को नियंत्रित कर सकते हैं। कुछ योगासन आपके लिये कारगर हो सकते हैं।  [ये भी पढ़ें: डायबिटिक की समस्या से हैं परेशान तो आजमाएं ये योगासन]

1. गहरी सांस लें:
Benefits of yoga for stress and psoriasis गहरी सांस लेने का अभ्यास आपके लिए अच्छा योग साबित हो सकता है। अपनी सांस लेने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक होना आवश्यक होता है। इसे करने के लिए एक शांत जगह खोजें जहां आपका ध्यान भंग ना हो। आराम से सीधी स्थिति में जमीन पर बैठ जाएं। धीरे-धीरे गहरी सांस लें और इसे अपने फेफड़ों तक लें जाएं। कुछ समय के लिए अपने सांस को रोक लें और फिर इसे धीरे से छोड़ दें। 10 से 15 मिनट तक इस प्रक्रिया को लगातार करते रहें।

2. बालासन(चाइल्ड पोज़):
बालासन करने से पीठ, गर्दन और कंधे के दर्द से राहत मिलती है। इस आसन का अभ्यास आप अपने शरीर को आराम पहुंचाने के लिए कर सकते हैं। इस आसन को करने से शरीर में खिंचाव आता है जो तनाव कम करने में मदद करता है।
इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दोनों पैरों को मोड़कर एड़ियों के बल बैठ जाएं। शरीर के ऊपरी भाग को जांघों पर टिका लें। फिर अपने सिर को जमीन से टच कराएं और अपने दोनों हाथ को पीछे लें जाएं उसके बाद सांस को धीरे से छोड़ें। इस प्रक्रिया को 10 से 15 मिनट तक करें। ऐसा करने से आपका शरीर तनाव मुक्त हो जाएगा। [ये भी पढ़ें: बाइपोलर डिसऑर्डर के मरीज़ों के लिए है असरकारक है योग]

3. अंजली मुद्रा(सैल्यूटेशन सील):
Benefits of yoga for stress and psoriasisअंजली मुद्रा खासतौर पर विश्राम और मेडिटेशन पर केंद्रित होती है। नमस्कार की मुद्रा को ही अंजली मुद्रा कहा जाता है। इस मुद्रा को अपने गहरी सांस लेने वाले योग के साथ उपयोग कर सकते हैं।
इसे करने के लिए सबसे पहले ज़मीन पर पैरों को क्रॉस करके बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को नमस्कार करने की अवस्था में ले आएं। गहरी सांस लें और अपने पीठ को पूरी तरह से सीधा कर लें। इस तरह के बहुत योगासन हैं जो उन लोगों के लिए अच्छे साबित हो सकते हैं जिन्होनें योग अभ्यास करने की शुरूआत की है।

इन बातों को ध्यान रखें: बहुत तरह के ऐसे योगासन होते हैं जो तनाव को दूर करने में हमारी सहायता करते हैं। इसके साथ ही सोरायसिस को भी कम करते हैं। अगर आप योगासन कर रहे हैं तो याद रखें, सोरायसिस के उपचार में योग का लक्ष्य तनाव को कम करना होता है, इसलिए जितना हो सके आराम करने की कोशिश करें, सांस लें और शांत जगह पर समय बिताएं। [ये भी पढ़ें: डायबिटीज की समस्या से हैं परेशान तो आजमाएं ये योगासन]

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