पुरुषों के लिए सबसे प्रभावी योगासन

beneficial and important yoga poses for men

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योगा का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद होता है। योगा शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने और तनाव तथा अवसाद को दूर करने में मदद करता है। कुछ योगासन खासतौर से पुरुषों के लिए सबसे प्रभावी होते हैं, जो विभिन्न मसल्स को ताकत और लचीलापन प्रदान करते हैं। इन योगासनों का अभ्यास करने से रक्तप्रवाह, रक्तचाप और शुगर लेवल संतुलित रहता है और पुरुष कई गंभीर बीमारियों से दूर रहते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से योगासन पुरुषों के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी होते हैं।[ये भी पढ़ें: सीने के फैट को कम करने के लिए योगासन]

1.चक्रासन:

चक्रासन का अभ्यास करना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन यह शरीर का लचीलापन बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी होता है। यह योगासन आपके शरीर में रक्तप्रवाह को सुधारता है और आपके कंधों की मसल्स को लचीला बनाता है। इसे करने के लिए जमीन पर कमर के बल लेट जाएं। अब अपनी छाती और कमर को ऊपर की ओर उठाएं और तलवों को जमीन पर पूरी तरह टिकाएं। इसके बाद कोहनियों को बाहर की तरफ करके हथेलियों को कान के पास रखें। अब शरीर से एक चक्र की मुद्रा बनाने की कोशिश करें। इसी अवस्था में थोड़ी देर रुके और आराम से सांस लेते रहें।

2.अधोमुख वृक्षासन:

यह योगासन आपकी कमर को मजबूती देता है और आपकी ध्यान लगाने की शक्ति बढ़ाता है। इसे करने के लिए अपने एक पैर को दूसरे के आगे रखें, अब हाथों को आगे की और जमीन पर टिकाएं और पैरों को ऊपर की ओर सीधा लाने की कोशिश करें। शुरुआत में सहायता के लिए किसी दीवार का सहारा भी ले सकते हैं। अपनी सांसों को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करें। [ये भी पढ़ें: किडनी में पथरी की समस्या को दूर करने के लिए योगासन]

3.पश्चिमोत्तानासन:

योगा अभ्यास करने वालों के लिए यह आसान काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह करने में बिल्कुल आसान है। यह आपके शरीर को स्ट्रेच करता है और हैमस्ट्रिंग मसल्स को मजबूत बनाता है। इस आसन को करने के लिए जमीन पर बैठ जाएं और पैरों को सीधा फैलाकर मिला लें। अब अपनी कमर को झुकाकर सिर घुटनों से मिलाने की कोशिश करें और हाथों की अंगुलियों को पैरों की अंगुलियों के पास ले जाएं। इसी अवस्था में कुछ देर रुकें और सांसों को लेते रहें।

4.अधोमुख श्वानासना:

यह योगासन आपकी गर्दन और ऊपरी शरीर की मसल्स का तनाव दूर करने में बहुत सहायक होता है। इसे करने के लिए पैरों को थोड़ा सा खोलकर खड़े हो जाएं और कमर मोड़कर हथेलियों को जमीन पर टिकाएं। अपने पैरों को सीधा रखने की कोशिश करें और धड़ को अन्दर की तरफ दबाएं। इसी मुद्रा में सांसों को आराम-आराम से लें। [ये भी पढ़ें: आनंद बालासन करने की विधि और उससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ]

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