जानें एक्यूपंचर वजन कम करने में कैसे होता है असरदार

how acupuncture induces weight loss

वजन पर नियंत्रण करके मोटापे जैसी समस्या से बचा जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में दुनिया में 100 करोड़ से ज्यादा लोग मोटापे से ग्रसित थे। ये संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कुछ रिसर्च के मुताबिक एक्यूपंचर से भी वजन कम किया जा सकता है। एक्यूपंचर इलाज की एक चीनी पद्यति है जिसमें शरीर की ऊर्जा को संतुलित करके बीमारी को ठीक किया जाता है। एक्यूपंचर में पतली-पतली सुइयों को शरीर में चुभोया जाता है। एक्यूपंचर से शरीर के हार्मोंस लेवल और इम्यून सिस्टम को ठीक करने में मदद मिलती है। एक्यूपंचर वजन कम करने के साथ बाकी बीमारियों के इलाज के लिए भी प्रभावी होता है। आइए जानते हैं किस तरह एक्यूपंचर वजन कम करने में सहायक होता है। [ये भी पढ़ें: सुबह की इन आदतों को अपनाकर आप घटा सकते हैं वजन]

एक्यूपंचर और वजन कम करने में संबंध:
how acupuncture induces weight lossकई सारे शोध में ये बात साबित हो चुकी है की एक्यूपंचर वजन कम करने में मदद करता है। आहार के साथ एक्यूपंचर करने से वजन कम तो होता ही है साथ हीं साथ शरीर से सूजन भी कम हो जाती है। एक्यूपंचर आपके मैटाबॉल्जिम, आंतों की कार्यक्षमता और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारने में मदद करता है। यह पेट के बैक्टीरिया को सही करके इम्यून सिस्टम को ठीक रखने में भी मदद करता है। एक्सरसाइज और डाइट के साथ एक्यूपंचर करना शरीर के बॉडी मास के साथ वजन कम करने में भी प्रभावी होता है। एक्यूपंचर इंसुलिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोंस के साथ पाचन तंत्र पर प्रभाव डालता है जो वजन कम करने के लिए प्रभावी होता है। यह शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन को बढ़ाकर डिप्रेशन और तनाव को दूर करने में मदद करता है। एक्यूपंक्चर व्यक्ति की भूख को कम करने और पूर्ण महसूस करने में मदद कर सकता है।

एक्यूपंचर कैसे काम करता है:एक्यूपंचर एक थेरेपी होती है जिसमें शरीर के प्रेशर प्वाइंट पर पतली सुई लगाई जाती है। सुईयों को गहराई तक डाला जाता है और धीरे-धीरे घुमाया भी जाता है। ज्यादातर एक्यूपंचर में दर्द नहीं होता है। कुछ डॉक्टर सुई के साथ इलेक्ट्रिक करंट का भी इस्तेमाल करते हैं। [ये भी पढ़ें: जल्दी वजन घटाने की चाहत रखते हैं तो अपनाएं ये तरीके]

कौन एक्यूपंचर का इस्तेमाल कर सकता है:
how acupuncture induces weight lossएक्यूपंचर एक सुरक्षित प्रक्रिया है। कुछ लोगों के इसके कारण हल्का दर्द होता है। अगर इसे सही से ना किया जाए तो इससे इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप दिल की धड़कन को ठीक रखने के लिए पेसमेकर का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इलेक्ट्रोएक्यूपंचर से दूर रहना चाहिए। वैसे तो एक्यूपंचर सुरक्षित होता है लेकिन अगर आप ब्लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित हैं तो आपको इससे बचना चाहिए। एक्यूपंचर करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले। प्रेग्नेंसी के समय में स्वास्थ्य की परेशानियों को दूर करने के लिए डॉक्टर एक्यूपंचर की सलाह देते हैं।
एक्यूपंचर वजन कम करने में मददगार होता है। साथ हीं इससे वजन कम करने के दौरान खतरा भी कम होता है। इसका प्रभाव व्यक्ति की शारीरिक बनावट पर निर्भर करता है, लेकिन हमेशा ध्यान रखें एक्यूपंचर के साथ डाइट और एक्सरसाइज जरुर करें। एक शोध के मुताबिक एक्यूपंचर के साथ लाइफस्टाइल में बदलाव, स्वस्थ भोजन का सेवन और रोजाना शारीरिक गतिविधियां करके आसानी से वजन कम किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: डेस्क जॉब से बढ़ते वजन को इन तरीकों से कम करें]

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