4 सप्ताह में 10 पाउंड वजन कैसे बढ़ाएं

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इसमें कोई शक नहीं है कि वजन बढ़ना मुश्किल काम होता है। लेकिन वजन बढ़ावा असंभव भी नहीं होता है। लोग वजन बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वजन बढ़ाने के लिए लोग एक्सरसाइज करते हैं और पोषक तत्व वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं। वजन बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका होता है फैट वाले भोजन का सेवन करना। यदि आप 4 सप्ताह में 10 पाउंड प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको एक्सरसाइज करने की जरूरत है जो आपको वजन बढ़ाने में सहायता करता है। इस 4 सप्ताह की ट्रेनिंग में इंटेंसिटी टेकनीक, बहुत सारा आराम और वेट लिफ्ट शामिल होता है। ऐसे वर्कवाउट को करने के दौरान शरीर का सारा हिस्सा शामिल होता है। आइए जानते हैं 4 सप्ताह में 10 पाउंड वजन कैसे बढ़ाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: शाकाहारी डाइट अपनाने के बाद आपका वजन बढ़ने क्यों लगता है]

सप्ताह 1-2: हेवी हिट्टर
पहले दो हफ्तों में आपको एक्सरसाइज के दौरान भारी वजन उठानी होती है। एब्स और काव्स एक्सरसाइज के 6-8 सेट्स करें और जो लोग पहले से सेट करते हैं वो 8-12 के सेट करने की कोशिश करें। इसका मतलब है कि आप सामान्य से भारी वजन उठा रहे हैं। वर्आउट रूटीन के पहले हफ्ते में छाती, पीठ, कंधे और पैरों को किसी और एक्सरसाइज के साथ किया जाता है क्योंकि इस दौरान आपका ध्यान सिर्फ वजन बढ़ाने में होता है जिससे ताकत और मांसपेशियों का आकार बढ़ता है।

इस कसरत में मात्रा अत्यधिक नहीं होती है। आपको अपनी मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए 11 सेट्स का अभ्यास करना जरूरी होता है और इस वर्कआउट रूटीन के दौरान आपको अपने शरीर के हर एक मांसपेशियों को कम से कम एक बार ट्रेन करना आवश्यक हो जाता है। अगर आप काफी मात्रा में वजन बढ़ाना चाहते हैं तो आपको इसके अभ्यास के लिए पर्याप्त समय देने की जरूरत है और खुद को रिलैक्स देने की भी जरूरत है। [ये भी पढ़ें: वजन घटाने के बाद दोबारा वजन बढ़ने के कारण]

हर सेट्स के वर्कआउट के अभ्यास के दौरान आपका शरीर कैटाबॉलिक स्टेट में चला जाता है। कैटाबॉलिक स्टेट लीन टिशू को ब्रेकडाउन करता है। कम समय में अगर 10 पाउंड वजन बढ़ाना चाहते हैं तो पर्याप्त आराम लेने की जरूरत है।

सप्ताह 3-4: इंटेंसिटी बूस्ट
वर्कआउट के 3 और 4 हफ्ते में एक्सरसाइज मांसपेशियों की मजबूती को बढ़ाने के लिए की जाती है। साथ ही साथ आपको इसकी इंटेंसिटी पर भी ध्यान केंद्रित करना होता है। हर एक एक्सरसाइज के लिए 10-12 रेपेटिशन काफी होती है और आपके मांसपेशियों को भी बढ़ाने में भी मदद मिलती है। इस वर्कआउट रूटीन के दौरान आप चेस्ट, पीठ, कंधे और पैरों के लिए कंपाउंड एक्सरसाइज भी करते हैं। कम्पाउंड एक्सरसाइज एक से जायदा मांसपेशियों पर फोकस करती हैं।
दूसरे चरण के दौरान आपको चार दिन के एक्सरसाइज को जारी रखनी चाहिए। लेकिन छाती और पीठ की एक्सरसाइज एक दिन की जाती है और बाइसेप्स और ट्राइसेप्स को बढ़ाने के लिए किए जाने वाले एक्सरसाइज को चौथे दिन करना होता है। हर वर्कआउट के दौरान ड्रॉप सेट्स शामिल होते हैं जो इंटेंसिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। ओवरट्रेनिंग और कैटाबॉलिज्म को अनदेखा करने की कोशिश करें क्योंकि इसकी वजह से अत्यधिक पसीना आता है। [ये भी पढ़ें: मसल्स के विकास के लिए दिमाग को कैसे मजबूत बनाएं]

 

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