मॉडरेट वर्कआउट करना क्यों जरुरी है

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why moderate workout is important

अधिकतर बॉडीबिल्डिंग करने वाले लोग हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) का अभ्यास करते हैं। हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग आपके कार्डियो वर्कआउट को प्रभावशाली बनाता है और अच्छा परिणाम देता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप मॉडरेट(धीरे-धीरे) वर्कआउट को नजरअंदाज कर दें। दरअसल हाई इंटेंसिटी वर्कआउट को हर दिन नहीं करना चाहिए, बल्कि उसकी जगह मॉडरेट वर्कआउट करना आपको बेहतर परिणाम देता है और फिटनेस लक्ष्य को पाने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि मॉडरेट वर्कआउट करने से क्या फायदें होते हैं। [ये भी पढ़ें: एब्स बनाने के लिए चुनौतीपूर्ण सिट-अप्स एक्सरसाइज]

1. विविधता लाने से प्रभावशाली परिणाम मिलता है: हाई इंटेंसिटी इंटरवल वर्कआउट कैलोरी को बर्न करने के लिए और कम समय में बेहतर परिणाम पाने के लिए बहुत अच्छा विकल्प है। लेकिन मॉडरेट वर्कआउट अपनी अलग जगह रखता है, जो आपकी मसल्स पर दबाव बनाए रखने के साथ उन्हें आराम देने का भी मौका देता है। साथ ही वर्कआउट में विविधता लाने से मसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और जल्दी परिणाम मिलता है।

2. फैट बर्नर:
एक्सरसाइज को धीरे-धीरे(मॉडरेट) करने से फैट्स जल्दी बर्न होता है, क्योंकि इसमें आपकी मसल्स को वेट उठाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिस वजह से मसल्स संग्रहित फैट्स को ऊर्जा में बदल देता है। [ये भी पढ़ें: बोरिंग लेकिन चेस्ट मसल्स के लिए प्रभावी एक्सरसाइज]

3. ज्यादा एनर्जी: हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग करने से आपकी एनर्जी(ऊर्जा) जल्दी खत्म हो जाती है और चोटिल होने की आशंका भी बढ़ जाती है। वर्कआउट को धीरे-धीरे करने से आपके शरीर को मजबूती मिलती है और ऊर्जा भी पूरी खर्च नहीं होती है। जिसकी वजह से आपके चोटिल होने की आशंका कम हो जाती है। यह वर्कआउट आपके फेफड़ों और हृदय की कार्य क्षमता को भी बढ़ाता है। मॉडरेट वर्कआउट शरीर में माइटोकॉन्ड्रिया का आकार भी बढ़ाता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है।

4. भूख नहीं बढ़ाता है: हाई इंटेंसिटी इंटरवल वर्कआउट ऊर्जा को बिल्कुल खत्म करके आपकी भूख बढ़ाता है, जिससे शरीर में कैलोरी का उत्पादन बढ़ता है। लेकिन मॉडरेट वर्कआउट करने से आपकी ऊर्जा बची रहती है और भूख भी नहीं बढ़ती है। जिस वजह से कैलोरी का उत्पादन संतुलित रहता है और आपका वजन कम होता है।

मॉडरेट और हाई इंटेंसिटी वर्कआउट दोनों के अपने फायदे होते हैं, इसलिए बेहतर परिणाम के लिए आपको दोनों वर्कआउट को हफ्ते में मिलाकर करना चाहिए। [ये भी पढ़ें: टीआरएक्स बैंड की मदद से करें फुल बॉडी वर्कआउट]

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