फिट रहने के लिए क्यों जरुरी है हैवी बैग वर्कआउट

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why heavy bag workout is beneficial for fitness

हैवी बैग को पंचिंग बैग भी कहा जाता है, जो कि वर्कआउट करने की काफी पुरानी तकनीक है। यह वर्कआउट शरीर की संपूर्ण फिटनेस, स्टेमिना और मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने में मदद करता है। इस हैवी बैग वर्कआउट को किसी मार्गदर्शक की देखरेख में करने से बेहतर परिणाम मिलता है। इसका अभ्यास करने के लिए आपको काफी ताकत और स्टेमिना की जरुरत पड़ती है, जो कि इसे एक प्रभावशाली वर्कआउट बनाता है। हैवी बैग वर्कआउट की वजह से आपका शरीर ज्यादा ऊर्जावान बनता है। आइये जानते हैं फिट रहने के लिए हैवी बैग वर्कआउट क्यों जरुरी है। [ये भी पढ़ें: फैट बर्न करने के लिए जरुर करें केटलबेल एक्सरसाइज]

हैवी बैग क्या होता है:
हैवी बैग लैदर का एक स्टफ्ड बैग होता है, जिसका भार सामान्यतः 18 से 45 किलो के बीच होता है। अधिकतर इसका अभ्यास बॉक्सिंग करने वाले लोग अपनी पंचिंग पॉवर और बॉक्सिंग तकनीक को प्रभावशाली बनाने के लिए करते हैं। हैवी बैग वर्कआउट का अभ्यास करने के लिए काफी ताकत और स्टैमिना की जरुरत होती है, जिस वजह से यह आपकी फिटनेस की कड़ी परीक्षा लेता है। इस वर्कआउट का अभ्यास करने के कई फिटनेस फायदे हैं, जो कि इसे फायदेमंद बनाते हैं।

1.एरोबिक फिटनेस सुधारता है: आपकी एरोबिक फिटनेस सुधारने के लिए हैवी बैग वर्कआउट काफी फायदेमंद साबित होता है। हैवी बैग के चारों और अभ्यास करने के लिए आपको अपने शरीर की मुद्राएं बार-बार बदलनी पड़ती है, जो कि किसी एरोबिक वर्कआउट में इस्तेमाल की जाने वाली ऊर्जा के बराबर ऊर्जा की मांग करता है। इससे बेहतर परिणाम पाने के लिए हाई इंटेंसिटी के साथ 2-3 मिनट इसका अभ्यास जरुर करें। [ये भी पढ़ें: हफ्ते में कितने दिन वर्कआउट करना चाहिए]

2.ताकत बढ़ाता है: हैवी बैग का इस्तेमाल अधिकतर बॉक्सर अपनी पंचिंग पॉवर को बढ़ाने के लिए करते हैं। जब आप बैग पर ताकत के साथ पंच करते हैं, तो बैग भी उतनी ही रेजिस्टेंस पॉवर का इस्तेमाल करते हुए आपकी तरफ जोर लगाता है। जिस की वजह से पंच करने के दौरान सक्रिय कंधों, हाथ, बैक, चेस्ट और कमर की मसल्स ताकतवर बनती हैं।

3.कोर मसल्स की स्थिरता को सुधारता है: हैवी बैग वर्कआउट का अभ्यास करते हुए आपको अधिकतर समय अपने पंजों पर शारीरिक भार उठाना होता है, जिसमें कोर मसल्स पर काफी दबाव पड़ता है। इस वजह से इसका अभ्यास करने से आपकी कोर मसल्स की स्थिरता और मजबूती बढ़ती है।

4.मसल्स की संरचना सुधारता है: हैवी बैग वर्कआउट का अभ्यास करते हुए आपकी मसल्स को एक वेट लिफ्टिंग वर्कआउट के बराबर ताकत का इस्तेमाल करना पड़ता है। जिस वजह से मसल्स विकसित होती हैं और उनकी संरचना भी बेहतर बनती है। [ये भी पढ़ें: रनिंग से जुड़े मिथक]

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