वेटेड स्क्वाट आपकी कौन-कौन सी मसल्स को मजबूत बनाती है

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which muscles are strengthen by weighted squats

स्क्वाट काफी प्रभावशाली एक्सरसाइज होती है, जिसका अभ्यास पैरों को मजबूत बनाने के लिए बॉडी बिल्डर और वेट लिफ्टर द्वारा किया जाता है। अगर आप मानते हैं कि स्क्वाट सिर्फ पैरों की मसल्स को मस्कुलर बनाते हैं, तो ऐसा नहीं है यह एक कंपाउंड एक्सरसाइज है जो एक साथ कई मसल्स पर प्रभाव डालती है। स्क्वाट करने से आपकी संपूर्ण शारीरिक मजबूती के साथ-साथ फिटनेस का स्तर और आपके शारीरिक जोड़ों की कार्यक्षमता भी सुधरती है। तो आइये जानते हैं कि वेटेड स्क्वाट्स आपकी कितनी मसल्स पर प्रभाव डालकर मजबूती देती है। [ये भी पढ़ें: वर्कआउट के लिए पार्टनर की जरुरत क्यों होती है]

क्वाड्स:
which muscles are strengthen by weighted squats जांघों के बाहरी हिस्से को क्वाड्स मसल्स कहते हैं, यह मसल्स आपके उठने-बैठने से लेकर चलने-दौड़ने में सबसे अधिक सक्रिय रहती है। इसके साथ ही पैर की मजबूती काफी हद तक इसी पर निर्भर करती है। वेटेड स्क्वाट आपकी क्वाड्स मसल्स पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालकर मजबूत बनाती है।

कोर मसल्स: कोर मसल्स के अन्दर वह सभी मसल्स आती हैं, जो रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट देती हैं जैसे रेक्टस एब्डोमिनिस, ऑब्लिक, एरेक्टोर स्पाइन आदि। वेटेड स्क्वाट करते हुए आपकी कोर मसल्स लगातार दबाव में रहती हैं, जिससे उनकी मजबूती और सहनशीलता बढ़ती है। इसके साथ यह आपकी रीढ़ की हड्डी की स्थिरता और पोश्चर भी सुधारती है। [ये भी पढ़ें: माउंटेन क्लाइंबर वर्कआउट जो आपके सभी कोर मसल्स पर प्रभाव डालती हैं]

ग्लूटियस मिडियस: ग्लूटियस मिडियस कूल्हों की सबसे बड़ी और सक्रिय मसल्स होती है, जो उसके आकर और मजबूती को निर्धारित करती है। वेटेड स्क्वाट करने से इसकी कार्यक्षमता सुधरती है और यह स्थिर बनती है।

हैमस्ट्रिंग: यह मसल्स आपके पेल्विस के नीचे से शुरू होकर घुटने के पीछे वाले भाग तक होती है, जो हिप्स की मूवमेंट को कंट्रोल करती है। कूल्हों और कमर का निचले हिस्से के लचीला होने के लिए आपकी हैमस्ट्रिंग का लचीला होना भी बहुत जरुरी है, इसलिए जब आप वेटेड स्क्वाट करते हैं तो इस मसल्स पर भी बराबर प्रभाव पड़ता है।

अन्य मसल्स: इन प्राथमिक मसल्स के अलावा वेटेड स्क्वाट कुछ अन्य मसल्स पर भी प्रभाव डालकर उन्हें मजबूत बनाती है। जैसे कंधों पर रखे बारबेल की वजह से आपके कंधों की सहनशीलता बढ़ती है। साथ ही जांघों और कूल्हों की अंदरूनी छोटी मसल्स को भी ताकतवर बनाती है। दरअसल वेटेड स्क्वाट को सही तरीके से अभ्यास करने पर कई मसल्स को मस्कुलर बनाया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: वाल सिट एक्सरसाइज करने का सही तरीका और उसके फायदे]

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