मॉर्निंग या इवनिंग, कौन सा वर्कआउट है फायदेमंद

which is better morning workout or evening workout

वर्कआउट करने से आप शारीरिक तथा मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ और मजबूत बनते हैं लेकिन यह सवाल  हमेशा रहता है कि मॉर्निंग और इवनिंग वर्कआउट में से क्या बेहतर है। इसको लेकर लोगों के बीच हमेशा मतभेद रहते हैं। कुछ लोग मॉर्निंग वर्कआउट को फायदेमंद मानते हैं, तो कुछ इवनिंग वर्कआउट की विशेषता गिनाते हैं। दरअसल दोनों वर्कआउट की अपनी-अपनी विशेषताएं होती हैं, जिसे जानने के बाद आप अपने लक्ष्य के मुताबिक एक सुविधाजनक विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि मॉर्निंग और इवनिंग वर्कआउट में क्या अंतर होता है। [ये भी पढ़ें: नाइट शिफ्ट के दौरान कब करें वर्कआउट]

मॉर्निंग वर्कआउट की विशेषता:
1. नियमितता: सुबह के समय वर्कआउट करने से आपका वर्कआउट रूटीन नियमित रहता है। क्योंकि सुबह के समय आपके पास कोई अन्य प्राथमिक कार्य नहीं होता है और साथ ही आप तरोताजा महसूस करते हैं, जिससे जिम में ज्यादा मेहनत कर पाते हैं।

2. ब्रेकफास्ट: वर्कआउट करने के बाद आपके शरीर को पोषक आहार की बहुत जरुरत होती है, जिस वजह से आप मॉर्निंग वर्कआउट के बाद पोषक और पर्याप्त ब्रेकफास्ट करते हैं। सुबह के समय पोषक और पर्याप्त नाश्ता करने से आप दिनभर सक्रिय रहते हैं और थकान महसूस नहीं होती है। [ये भी पढ़ें: शानदार बाइसेप्स के लिए असरदार बॉडी वेट एक्सरसाइज]

3. नींद: which is better morning workout or evening workoutमॉर्निंग वर्कआउट के लिए आपको सुबह जल्दी उठाना पड़ता है, जिस वजह से आपको रात के समय जल्दी नींद आ आती है। मसल्स रिपेयर होने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जल्दी और पर्याप्त नींद लेना काफी आवश्यक होता है, जो कि मॉर्निंग वर्कआउट करने से प्राप्त होती है।

4. फैट बर्न: नींद के बाद उठने पर हमारा शरीर पहले से ही कैलोरी बर्न की स्थिति में होता है, जिस बाद मॉर्निंग वर्कआउट कैलोरी बर्न की प्रक्रिया को बढ़ाकर ज्यादा फैट बर्न करता है। इसलिए शरीर को स्लिम और फिट रखने के लिए मॉर्निंग वर्कआउट बेहतर विकल्प होता है।

इवनिंग वर्कआउट की विशेषता:
1. मजबूती: which is better morning workout or evening workoutशाम के समय वर्कआउट करने पर आप शरीर को वर्कआउट के लिए अच्छी तरह तैयार कर सकते हैं। जिसके बाद वर्कआउट के दौरान ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और मसल्स को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। चुनौतीपूर्ण वर्कआउट के बाद मसल्स जल्दी बड़ी और मजबूत बनती हैं।

2. तनाव से राहत: दिनभर की व्यस्तता और कार्य के बाद आप तनावग्रस्त हो जाते हैं लेकिन वर्कआउट करने से कोर्टिसोल नामक हॉर्मोन का स्तर कम होता है जिससे आपका तनाव कम होता है। इसलिए शाम के समय वर्कआउट करने से आप ज्यादा शांत और आरामदायक महसूस करते हैं।

3. वर्कआउट पार्टनर: शाम के समय वर्कआउट करने पर किसी वर्कआउट पार्टनर का साथ मिल जाने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं। किसी पार्टनर के साथ वर्कआउट करने से एक्सरसाइज के दौरान चोट लगने का खतरा कम हो जाता है साथ ही आप अधिक दिलचस्पी के सात वर्कआउट करते हैं। [ये भी पढ़ें: क्वाड्स की मजबूती के लिए शुरुआत में कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए]

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