वाल सिट एक्सरसाइज करने का सही तरीका और उसके फायदे

Read in English
what is the right way to practice wall sit exercise and its benefits

photo credit: dannywallispt.com

वाल सिट एक्सरसाइज आपके पैरों की क्वाड्स, काफ मसल्स के साथ ग्लूट और कोर मसल्स पर प्रभाव डालती है। इसका अभ्यास करके आप दौड़ लगाने की क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं। इस एक्सरसाइज का अभ्यास आप घर या जिम कहीं भी आसानी से कर सकते हैं, बस इसके लिए आपको किसी दीवार के सहारे की जरुरत पड़ती है। वाल सिट लोवर बॉडी की मसल्स पर ज्यादा दबाव डालती है और पोश्चर को बिगड़ने नहीं देती है, जिससे आपको पूरा फायदा मिल पाता है। आइये वाल सिट करने का सही तरीका और उससे होने वाले फायदे के बारे में जानते हैं।[ये भी पढ़ें: शरीर के गलत पोश्चर को सुधारने के लिए असरदार एक्सरसाइज]

वाल सिट करने का तरीका:

वाल सिट एक्सरसाइज करने के लिए एक दीवार के सहारे खड़े हो जाएं। अब पैरों को कमर के बराबर खोलकर आगे की तरफ रखें, जिससे शरीर को नीचे लाते हुए आपके घुटनों के बीच 90 डिग्री का कोण बनें। अब दोनों हाथों को सिर के पीछे लगाते हुए कूल्हों को नीचे की तरफ लाएं। शरीर नीचे लाते हुए कमर को दीवार से लगाए रखें। जब आपकी जांघें जमीन के समानांतर आ जाए तो शरीर को वापस ऊपर ले जाएं। इस एक्सरसाइज के 15 रैप्स के 3 सेट्स करें।

वाल सिट एक्सरसाइज करने के फायदे:

मसल्स को मजबूती देता है: पैरों की मसल्स को मजबूत बनाने के लिए वाल सिट काफी प्रभावशाली एक्सरसाइज है। क्योंकि इसमें आपका शारीरिक संतुलन और पोश्चर बिगड़ने की आशंका बहुत कम होती है। इसका मसल्स पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ता है, जिससे वह मजबूत और ताकतवर बनती है। [ये भी पढ़ें: तनाव आपके वर्कआउट और फिटनेस रुटीन को कैसे प्रभावित करता है]

दौड़ लगाने की क्षमता बढ़ती है: इस एक्सरसाइज को करने से सबसे ज्यादा प्रभाव जांघों पर पड़ता है और वह ताकतवर बनती हैं। इस वजह से आपको दौड़ लगाने में आसानी महसूस होती है और आप ज्यादा गति के साथ ज्यादा समय तक दौड़ लगा सकते हैं। जिससे हृदय गति तेज होती है और फैट बर्न होता है।

लचीलापन बढ़ता है: वाल सिट एक्सरसाइज करने से आपके पैरों की मसल्स का संतुलन बढ़ता है और बैठते या कार्य करते हुए कम तनाव महसूस होता है। जब मसल्स पर तनाव कम पड़ता है तो उनका लचीलापन बढ़ता है।

काफ मसल्स को मजबूती:
वाल सिट करते हुए आपकी काफ मसल्स पर भी दबाव पड़ता है। जिससे पूरा पैर की मजबूती बढ़ती है और आपको डेडलिफ्ट या लेग प्रेस जैसी एक्सरसाइज करते हुए आसानी महसूस होती है।

एब्स बनते हैं: वाल सिट करते हुए कोर मसल्स सक्रिय रहती हैं और एब्स मसल्स पर प्रभाव पड़ता है। जिससे पेट के आसपास की चर्बी घटती है और एब्स मसल्स मजबूत बनती है। [ये भी पढ़ें: बेहतरीन कोर एक्सरसाइज जिन्हें आप नहीं करते हैं]

उपयोग की शर्तें

" यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। "