अपने वर्कआउट को अधिक प्रभावी कैसे बनाएं

what are the ways to make your workout more hard

स्वस्थ और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण होता है। चाहे आप अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं या वजन कम करना चाहते हैं। एक्सरसाइज आपके लिए प्रभावी विकल्प होता है। एक्सरसाइज कई प्रकार के होते हैं, आप अपने फिटनेस लक्ष्यों के अनुसार एक्सरसाइज कर सकते हैं। एक्सरसाइज रूटीन के अलावा, एक्सरसाइज की इंटेंसिटी और मात्रा बहुत मायने रखती हैं। जब आप वेरिएशन के साथ एक्सरसाइज करते हैं तो एक्सरसाइज के परिणाम जल्दी दिखाए देतें हैं। यदि आप हार्डकोर एक्सरसाइज करते हैं, तो आपकी मांसपेशियों को अधिक चुनौती मिलती है जिससे आप जल्दी वजन बढ़ा या काम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि अपने वर्कआउट को कैसे अधिक प्रभावी बना सकते हैं। [ये भी पढ़ें: रोजाना एक समान वजन उठाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता हैं]

8 सेट्स, 30 सेकंड की रेस्ट:
ज्यादातर लोग वर्कआउट रूटीन में 3, 4 या 5 सेट का अभ्यास करते हैं। केवल 5 सेटों का अभ्यास करने के बजाय, आप 8 सेट्स का अभ्यास करें और सुनिश्चित करें कि आप पूरी तरह से थक गए हैं। इससे आपकी मांसपेशियां प्रभावित होंगी और आपको परिणाम जल्दी दिखाई देगा। अगर आपको परिणाम जल्दी चाहिए तो सेट्स के बीच में 30 सेकंड का ब्रेक लें सकते हैं।

अपना फोकस बढ़ाने के लिए प्री-वर्कआउट का इस्तेमाल करें:
अगर आप वर्कआउट सेशन में अधिकतम एनर्जी चाहतें है तो आप अपने आप को वर्कआउट से पहले मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार कर लें। इसके अलावा आप प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट भी लें सकतें हैं। [ये भी पढ़ें: दर्द के बिना सिक्स पैक एब्स कैसे बनाएं]

यूनिलैट्रल ट्रेनिंग:
what are the ways to make your workout more hardअपने मांसपेशियों को संतुलित करने के लिए यूनिलैट्रल ट्रेनिंग का अभ्यास करना बेहतर विकल्प होता है। सिंगल लेग डेडलीफ्ट्स, डंबबेलल लंज, केटलवेल स्प्लिट स्क्वेट्स, डंबबेल बेंच प्रेस, डंबबेल इंक्लाइन प्रेस, डंबबेल शोल्डर प्रेस और डंबबेल हैमर कर्ल यूनिलैट्रल ट्रेनिंग होता हैं। बेहतर परिणाम के लिए सेट की शरुआत कमजोर साइड से करें और अपने रेप्स को बढ़ाएं।

अपने वर्कआउट्स की सीमा तय करें:
आपको एक्सरसाइज करने के लिए बहुत अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक्सरसाइज करने के लिए आराम करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके पास 40 मिनट का समय है तो आपको जल्दी जल्दी एक्सरसाइज करना पड़ता है जो आपके लिए गलत है क्योंकि इससे आपको आराम करने का समय कम मिलता है। तो ऐसे में आपको 90 मिनट का समय तय करना चाहिए।

सेट के बीच में बर्पीज करें:
बर्पीस सबसे हार्डकोर एक्सरसाइज में से एक हैं जो आप अभ्यास कर सकते हैं। आप अपनी मस्कुलर एंड्योरेंस और कार्डियोवस्कुलर फिटनेस को विकसित कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: सर्किट ट्रेनिंग करने के फायदे]

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