हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग से होने वाले लाभ

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Benefits Of High Intensity Interval Workout

हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग(HIIT) सबसे बेहतरीन वर्कआउट में से एक होता है। यह कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है क्योंकि यह शरीर की कैलोरी और एक्सट्रा फैट बर्न करता है और साथ ही मांसपेशियों को भी प्राप्त करने में मदद करता है। HIIT वर्कआउट में कई शॉर्ट और इंटेंस एक्सरसाइज होते हैं और हर एक एक्सरसाइज को करने के बाद थोड़े समय का गैप देना होता है जिसमें आपके मसल्स को रिकवर होने का वक्त मिल जाता है। यह थोड़े समय में आपको अधिकतम लाभ प्रदान करता है। HIIT वर्कआउट की अवधि 10 से 30 मिनट तक होती है। HIIT वर्कआउट की अवधि कम होती है, लेकिन इसको करने से आपको मॉडरेट एक्सरसाइज से दोगुना लाभ प्राप्त होता है। HIIT वर्कआउट में कई प्रकार की एक्सरसाइज होती हैं, अधिकतर बॉडी वेट एक्सरसाइज होती हैं जैसे- स्प्रिंटिंग, बाइकिंग, जम्प रोप। आइए हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग से होने वाले लाभों के बारे में जानते हैं। [ये भी पढ़ें: मसल्स की ग्रोथ रुक जाए तो उसे रिस्टोर कैसे करें]

कम समय में अधिक कैलोरी बर्न करता है:
HIIT वर्कआउट एक ऐसा एक्सरसाइज है जिसे करने में आपको कम समय लगता है, लेकिन यह अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। HIIT वर्कआउट अन्य एक्सरसाइज की तुलना में 25-30 प्रतिशत अधिक कैलोरी बर्न करता है।

एक्सरसाइज के बाद भी मेटाबॉलिक रेट बढ़ाता है:
अगर HIIT वर्कआउट उचित तरीके से की जाती है, तो यह एक्सरसाइज के बाद भी आपके मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने में मदद करता है। हाई मेटाबॉलिक रेट होने की वजह से आपका कैलोरी अधिक बर्न होता है जो आपके वजन को नियंत्रित रखता है। [ये भी पढ़ें: सुबह बेड से उठने से पहले कौन से स्ट्रेचेज करने चाहिए]

फैट कम करने में आपकी सहायता करता है:
HIIT वर्कआउट आपकी कैलोरी के साथ-साथ फैट को भी बर्न करने में मदद करता है। हैरानी की बात यह है कि HIIT वर्कआउट कम समय में फैट में फैट बर्न करता है। इसके अलावा, HIIT वर्कआउट भी विसेरल फैट को हटाने में आपकी सहायता करता है।

मांसपेशियों को बढ़ाता है:
HIIT वर्कआउट मांसपेशियों को प्राप्त करने के लिए बहुत फायदेमंद है। अगर आप पूरी तरह सक्रिय नहीं रहते हैं तो भी आप अपनी मांसपेशियों को बढ़ा सकते हैं, लेकिन उतना नहीं जितना आप पूरी तरह से ट्रेनिंग कर के बढ़ा सकते हैं।

बल्ड शुगर को कम करता है:
बल्ड शुगर को कम करने के लिए HIIT वर्कआउठ बहुत फायदेमंद होता है। HIIT वर्कआउठ का पूरी और अच्छी तरह अभ्यास करने से आप अपने इंसुलिन के स्तर को बेहतर कर सकते हैं। [ये भी पढ़ें: पोषक तत्व जिन्हें वर्कआउट के बाद आहार में शामिल करना चाहिए]

 

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