Working out: अकेले एक्सरसाइज करने से क्या फायदे होते हैं

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benefits of Exercising alone

benefits of Exercising: अकेले एक्सरसाइज करने से कई फायदे होते हैं।

जब भी कोई व्यक्ति वर्कआउट करने की सोचता है तो वह चाहता है कि उसका कोई वर्कआउट पार्टनर हो ताकि एक्सरसाइज करते समय कोई उन्हें प्रोत्साहित करता रहे। मगर कुछ लोग भूल जाते हैं कि अकेले एक्सरसाइज करना भी मजेदार होता है। जब आप अकेले एक्सरसाइज करते हैं तो आपका ध्यान सिर्फ एक्सरसाइज पर होता है और आपका ध्यान भंग भी नहीं होता है। अगर सही तरीके से किया जाए तो अकेले एक्सरसाइज करने से बेहतर कुछ नहीं होता है। रोजाना वर्कआउट करना जरुरी होता है इसलिए इसे करने की जिम्मेदारी भी खुद लें। तो आइए आपको अकेले वर्कआउट करने के फायदों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: वजन ज्यादा है तो एक्सरसाइज करना कैसे शुरु करें]

Working out: अकेले वर्कआउट करने के फायदे

ध्यान भंग नहीं होता है
अपने लिए समय मिलता है
कोई प्रतियोगी नहीं होना
खुद निर्णय लेते हैं
कॉम्प्लैक्स महसूस नहीं होगा

ध्यान भंग नहीं होता है: जब आपके साथ कई लोग एक्सरसाइज करते हैं तो उनकी वजह से आपका ध्यान भंग होता है। हालांकि जब आप अकेले वर्कआउट करते हैं तो आपको सिर्फ अपनी ऊर्जा पर फोकस करना होता है जिससे आप अच्छी तरह से वर्कआउट कर पाते हैं। [ये भी पढ़ें: Workout: वर्कआउट पार्टनर के नियम क्या हैं]

अपने लिए समय मिलता है:

benefits of working out alone
working out: अकेले एक्सरसाइज करने की वजह आपको अपने लिए समय मिलता है।

काम से व्यस्त होने की वजह से लोग अपने लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। अपने लिए समय निकालने के लिए अकेले एक्सरसाइज करें। इससे आपको अपने लिए समय भी मिलता है तो एक्सरसाइज करने से आप स्वस्थ भी रहते हैं।

कोई प्रतियोगी नहीं होना:

benefits of solo exercising
Solo exercising: अकेले एक्सरसाइज करने से आपका कोई प्रतियोगी नहीं होता है।

जब आप किसी के साथ एक्सरसाइज करते हैं तो यह आपके लिए कॉम्पिटिशन से कम नहीं होता है। आप उनसे बेहतर करने की कोशिश करते हैं जिसकी वजह से आप स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। मगर जब आप अकेले एक्सरसाइज करते हैं तो किसी तरह कॉम्पिटिशन नहीं होता है और शरीर को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता है। [ये भी पढ़ें: वर्कआउट के लिए पार्टनर की जरुरत क्यों होती है]

खुद निर्णय लेते हैं: सबका शरीर अलग होता है और उनके फिटनेस गोल भी अलग होते हैं। जब आप अकेले वर्कआउट कर रहे होते हैं तो आपको किसी और के फिटनेस गोल पर ध्यान नहीं देना पड़ता है। आप अपनी मर्जी के मुताबिक कोई भी एक्सरसाइज कर सकते हैं।

कॉम्प्लेक्स महसूस नहीं होगा: जब आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ एक्सरसाइज कर रहे होते हैं जिनकी बॉडी पहले से फिच होती है तो आपको उनसे कॉम्प्लेक्स फील होने लगता है। मगर जब आप अकेले एक्सरसाइज करते हैं किसी भी तरह का कॉम्प्लेक्स नहीं होता है।

[जरुर पढ़ें: Workout: कौन से खाद्य पदार्थ आपके एक्सरसाइज के परिणामों को सफल बनाते हैं]

अगर आप अकेले एक्सरसाइज करते हैं तो इसमें परेशान ना हो इसके भी कई फायदे होते हैं। इस आर्टिकल को इंग्लिश(English) में भी पढ़ें।

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