जानें अर्जुन कपूर के फैट टू फिट बनने का राज

arjun kapoor reveals secret behind his great physique

pc: economictimes.com

अर्जुन कपूर ने बॉलीवुड में कदम रखने से पहले अपनी फिटनेस पर खूब मेहनत की है। लगभग 140 किलो के एक मोटे और थुलथुले शरीर से मस्कुलर बॉडी बनाने तक के सफर के पीछे उनकी कड़ी मेहनत दिखाई देती है। वर्कआउट के दौरान अपने शरीर और लक्ष्य के मुताबिक एक्सरसाइज का चुनाव बहुत मायने रखता है। साथ ही हमें कुछ टिप्स को भी अपने वर्कआउट में शामिल करना चाहिए, जिससे हमें बेहतर रिजल्ट मिलने में मदद मिलती है। यहां अर्जुन कपूर फैट टू फिट बनने के लिए कुछ ऐसे ही राज बता रहे हैं। [ये भी पढ़ें: ‘बाजीराव’ रणवीर सिंह फिट रहने के लिए करते हैं ये एक्सरसाइज]

1. अर्जुन कपूर दिन में दो बार एक्सरसाइज करते हैं। क्योंकि हमें अपने लक्ष्य के मुताबिक अपने वर्कआउट रूटीन को तय करना चाहिए। यदि आप किसी बड़े लक्ष्य को पाना चाहते हैं, तो आपको जिम में ज्यादा समय पसीना बहाना पड़ेगा। अर्जुन सुबह के समय कार्डियो करते हैं, जबकि शाम के समय वेट ट्रेनिंग करते हैं।

2. अर्जुन कपूर के कार्डियो सेशन में अलग-अलग तरह के कार्डियो शामिल होते हैं। जैसे- हाई इंटेंसिटी कार्डियो, फंक्शनल ट्रेनिंग, क्रॉसफिट स्टाइल कार्डियो और लो इंटेंसिटी कार्डियो। [ये भी पढ़ें: सुशांत सिंह राजपूत के वर्कआउट रूटीन की जान हैं ये एक्सरसाइज]

हाई इंटेंसिटी कार्डियो: कार्डियो के इस तरीके में आपको अपनी पूरी ताकत लगाकर जल्दी-जल्दी एक्सरसाइज करनी होती है। इसमें शरीर के बिल्कुल थक जाने तक एक्सरसाइज को करते रहना होता है।

फंक्शनल ट्रेनिंग: यह तरीका बहुत ही प्रचलित है, क्योंकि इसमें आपके कुछ रोजाना काम करने के तरीकों से ही आपको एक्सरसाइज करवाई जाती है, जैसे- सीढियां चढ़ना या उठना-बैठना।

क्रॉसफिट स्टाइल: क्रॉसफिट स्टाइल में अपने बॉडीवेट की मदद से ही एक्सरसाइज को किया जाता है। इसमें अलग से किसी वेट को उठाने की जरुरत नहीं होती।

लो इंटेंसिटी कार्डियो: लो इंटेंसिटी कार्डियो में एक्सरसाइज को आरामदायक तरीके से किया जाता है। जैसे- धीरे-धीरे चलना आदि।

3. अर्जुन कपूर बताते हैं कि ये जरुरी है कि आप अपनी मसल्स की ताकत बिल्कुल खत्म होने तक एक्सरसाइज करते रहें। क्योंकि उनका मानना है कि मसल्स पूरी तरह थक जाने पर ही अपनी क्षमता को बढ़ाती है।

4. अर्जुन कपूर कहते हैं कि कभी-कभी आपको दो मसल्स पार्ट की एक साथ एक्सरसाइज करनी चाहिए, जिससे शरीर को अधिक चुनौती मिलती है और आपको पहले से बेहतर परिणाम भी मिलते हैं। [ये भी पढ़ें: 43 साल की उम्र में भी खुद को सुपरफिट कैसे रखते हैं सोनू सूद]

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