त्वचा और बालों के लिए क्यों जरुरी है विटामिन ई का सेवन

benefits of vitamin e for hair and skin

विटामिन ई में घुलनशील फैट एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं। यह इम्यून बूस्टर, ब्लड सर्कुलेशन को नियमित और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। विटामिन ई त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करने के साथ बालों को भई पोषक तत्व प्रदान करते हैं। विटामिन ई हरी सब्जियों, बीज, फल और सी फूड से मिलता है। त्वचा और बालों के लिए विटामिन ई के तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आप बाजार से विटामिन ई के कैप्सूल को खरीदकर घर पर ही इसका इस्तेमाल किया जाता है। तो आइए आपको विटामिन ई से बालों और त्वचा को होने वाले फायदों के बारे में बताते हैं। [ये भी पढ़ें: केवल पूजा के लिए ही नहीं सुंदरता को बढ़ाने में भी कारगर है कपूर]

बालों की ग्रोथ को उत्तेजित करता है: विटामिन ई में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो खराब हुए बालकूपों और ऊतकों की रोकथाम करते हैं जिससे बालों की ग्रोथ में सुधार होता है। इसके साथ ही बालों को जड़ों से कंडीशन करने के लिए यह काफी फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल के लिए 2 विटामिन ई कैप्सूल को 2 चम्मच गर्म नारियल या ऑलिव ऑयल में मिलाकर बालों की मसाज करें। उसके 30 मिनट बाद बालों को धो लें।

झुर्रियां: एजिंग की प्रक्रिया को प्राकृतिक रुप से कम करने के लिए विटामिन ई बहुत फायदेमंद होता है। इसके साथ ही यह झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। जिससे त्वचा मॉइश्चराइज होती है। [ये भी पढ़ें: बालों को खूबसूरत बनाने के लिए घर पर ही बनाएं सीरम]

डार्क स्पॉट को कम करता है: फ्री रेडिकल के डैमेज होने, लिवर की समस्या और एजिंग की वजह से डार्क स्पॉट हो जाते हैं। इसके लिए विटामिन ई में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल के डैमेज होने को कम करते हैं। जिससे डार्क स्पॉट होना कम हो जाते हैं। इसके लिए ऑलिव ऑयल में विटामिन ई कैप्सूल मिलाकर डार्क स्पॉट पर लगाएं।

दो मुंहें बालों को रिपेयर करता है: बालों को लगातर ब्लो ड्राय, कर्ल और कलर करने से बाल दो मुंहें हो जाते हैं। विटामिन ई बालों को मजबूत बनाने में और दो मुंहें बालों को मुलायम बनाता है। जिससे बालों का टूटना बंद हो जाता है। इसके लिए नारियल का तेल, विटामिन ई तेल और जोजोबा ऑयल मिलाकर बालों में लगाएं।

हाईपरपिंगमेंटेशन: त्वचा के कई हिस्सों पर मेलेनिन की परत एकत्रित हो जाने से त्वचा की टोन असामान्य हो जाती है। इसके लिए विटामिन ई का सेवन करके या प्रभावित क्षेत्र पर इसे लगाकर हाइपरपिंगमेंटंशन की समस्या को कम किया जा सकता है। [ये भी पढ़ें: प्रदूषण से बचाने के लिए त्वचा को कैसे डिटॉक्स करें]

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